डेविना हत्याकांड: चेन स्नेचिंग के दौरान पकड़े जाने पर मारी थी मां-बेटी को गोली, त्रिभुवन समेत चार गिरफ्तार
गोरखपुर जिले के शाहपुर में प्रधानाध्यापिका निवेदिता उर्फ डेविना मेजर और उनकी बेटी डेलसिया को गोली चेन स्नेचिंग के दौरान पकड़े जाने पर मारी गई थी। क्राइम ब्रांच, शाहपुर व तिवारीपुर पुलिस ने शनिवार को लूट व हत्या की इस घटना में शामिल दोनों आरोपियों त्रिभुवन सिंह उर्फ पिंटू सिंह और दीपक कुमार निभानी समेत चार लोगों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया।
इस दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग भी की। पुलिस के अनुसार माफिया परवेज टांडा के साथी व शातिर शूटर त्रिभुवन सिंह ने दीपक के साथ मां-बेटी को गोली मारी थी। त्रिभुवन के ऊपर हत्या, लूट, गैंगस्टर, जाली करेंसी सहित 29 मुकदमे पहले से दर्ज हैं। त्रिभुवन नेपाल से हवाला के धंधे में भी जुड़ा है। जबकि उसका दूसरा साथी दीपक कुमार निभानी चेन स्नेचर है। हरियाणा की शराब तस्करी के मामले में वह पहले भी सहजनवां पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
एसएसपी जोगेन्द्र कुमार ने शनिवार को घटना का पर्दाफाश करते हुए बताया कि 20 सितंबर को शिक्षिका डेविना मेजर अपनी बेटी डेलसिया के साथ स्कूटी से जा रहीं थीं। स्कूटी डेविना चला रहीं थीं जबकि बेटी पीछे बैठी थी। इसी दौरान त्रिभुवन सिंह निवासी काजीपुर, चिलुआताल और दीपक निभानी निवासी आवास विकास, बरगदवां बाइक से काफी तेजी से आए। त्रिभुवन बाइक चला रहा था जबकि दीपक पीछे बैठा था।
दीपक ने डेविना के गले से चेन खींच ली। इस पर वह झटके से स्कूटी से उतरीं और दीपक को पकड़ लिया। छीना-झपटी में दीपक की शर्ट भी फट गई। अपने साथी के पकड़े जाने के बाद बाइक चला रहे त्रिभुवन को लगा कि वह भी पकड़ लिया जाएगा। चूंकि त्रिभुवन दो साल से फरार चल रहा था इसलिए पकड़े जाने के डर से उसने दीपक को छुड़ाने के लिए मां-बेटी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।
ये हुई थी घटना
एसएसपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश चल रही थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ बदमाश रेलवे स्टेशन से पादरी बाजार की तरफ जा रहे हैं। पुलिस टीम ने कौवाबाग अंडरपास के पास घेराबंदी कर ली। पुलिस को देखते ही बदमाश फायरिंग करने लगे। पुलिस ने मोर्चा संभाला और घेराबंदी करके उन्हें दबोच लिया।
एसएसपी के मुताबिक बदमाशों के पास से लूट में इस्तेमाल बाइक, सोने की टूटी हुई चेन, एक पिस्टल और दो डबल बैरल तमंचा तथा दो फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा पुलिस ने दो अन्य शरणदाता युवकों नेपाल के बुलेडिहवा निवासी अकबरूद्दीन तथा लूटी गई चेन खरीदने वाले स्वर्ण व्यवसायी व गोरखनाथ निवासी अमर जायसवाल को भी गिरफ्तार किया है।
अकबरूद्दीन वर्तमान में सिद्धार्थनगर के मोहना बाजार में रहता है। फरारी के दौरान त्रिभुवन भी अकबरुद्दीन के साथ रहता था। अमर जायसवाल सराफा कारोबारी है। गोरखनाथ में उसकी दुकान है। आरोप है कि अमर जायसवाल ने लूट की चेन खरीदी थी। त्रिभुवन सिंह का एक मकान तिवारीपुर की सूर्य विहार कालोनी में भी है।
शाहपुर इलाके के बशारतपुर राजीव नगर की रहने वाली शिक्षिका निवेदिता उर्फ डेविना मेजर अपनी बेटी डेलसिया के साथ 20 सितंबर को स्कूटी से मायके से ससुराल रामजानकी नगर निकट मिलन लॉन के पास जा रहीं थीं। राजीव नगर कॉलोनी के आशियाना भवन मोड़ के पास ही बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी थी। घटना में डेविना की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटी घायल हो गई। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकले तो हमलावर फायरिंग करते हुए फरार हो गए। डेविना मेजर कुशीनगर जिले के सुकनौली ब्लॉक स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका थीं।
पति की कहानी सही नहीं मिली
पत्नी की हत्या और बेटी को गोली मारे जाने की घटना के बाद पति मनीष मेजर ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि पड़ोसी ज्ञानू तिवारी, उनकी पत्नी और भांजी सहित दो अज्ञात शूटर ने गोली मारी थी। इरादा लूट का था। पुलिस ने मामले की गहनता से छानबीन की। आरोपियों से पूछताछ हुई। भाजपा के पूर्व पार्षद को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया लेकिन सटीक सुराग नहीं लग सका। पुलिस ने शुरू में ही इरादा साफ कर दिया था कि किसी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। अब वही हुआ भी।
दो बच्चों की मां थीं डेविना
डेविना मेजर दो बच्चों की मां थीं। 16 वर्षीय बेटी डेलसिया मां के साथ थी। गोली लगने से घायल है और केजीएमयू में उसका इलाज चल रहा है। जबकि 13 वर्षीय बेटा ईथान उर्फ आरुष घर पर है। शहर के लिटिल फ्लावर स्कूल में बेटी दसवीं की छात्रा है जबकि बेटा ईथान सातवीं में पढ़ता है। डेविना दो बहनें थीं। मायका और ससुराल पांच सौ मीटर की दूरी पर है। डेविन की बहन की शादी बस्ती में हुई है।
बहादुर बेटी को देंगे सम्मान
एसएसपी ने बताया कि डेविना की बेटी डेलसिया ने घटना के दिन बदमाशों का डटकर मुकाबला किया। इसके लिए उन्हें बहादुरी सम्मान उनकी तरफ से दिया जाएगा। शासन को भी इसके लिए पत्र लिखा जाएगा। बदमाशों ने जो जानकारी दी है उसके मुताबिक डेविना को गोली लगने के बाद वह गिर गईं तो डेलसिया ने उन्हें पकड़ लिया। इसी का नतीजा रहा कि बदमाशों ने डेलसिया के पेट में गोली मार दी।
सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों के करीब पहुंची पुलिस
एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ की अगुवाई वाली जांच कमेटी ने घटनास्थल व उसके आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसी दौरान बाइक सवार दो संदिग्धों की जानकारी मिली। पुलिस ने अलग-अलग एंगल से फोटो निकाली, फिर इसे मीडिया, सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने संदिग्धों की सूचना देने वालों को 25 हजार रुपये देने का एलान भी किया। सीसीटीवी फुटेज से जो साक्ष्य मिले थे, उसी आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।