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एडीओ कृषि के बेटे ने खुद का किया ‘अपहरण’, मां से बोला- पैसे दो नहीं तो..

Fri, 07 Aug 2020 07:34 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 07 Aug 2020 07:34 PM IST
सार

  • तीन घंटे में रकम न मिलने पर हत्या की बात भी संदेश के माध्यम से कही
  • सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस ने बस्ती जिले के हर्रैया के पास से पकड़ा

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Son of ADO Agriculture kidnapped himself in Sant Kabir nagar
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां कर्ज चुकाने के लिए एडीओ कृषि (सहायक विकास अधिकारी कृषि) के पुत्र और बीएससी नर्सिंग के छात्र ने खुद के अपहरण की कहानी रच दी। मां के मोबाइल पर संदेश भेजकर दो लाख रुपये की फिरौती मांगी।

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तीन घंटे में रकम खाते में ट्रांसफर न होने पर हत्या की बात भी लिखी दी। घटना गुरुवार रात की है। सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस ने आरोपी को बस्ती जिले के हर्रैया के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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एसपी ब्रजेश सिंह ने बताया कि खलीलाबाद ब्लॉक में तैनात एडीओ कृषि हरिश्चंद त्रिपाठी ने गुरुवार की रात आठ बजे सूचना दी कि बेटा आशुतोष त्रिपाठी उर्फ लक्की अपहृत हो गया। वह ग्वालियर (मध्यप्रदेश) में बीएससी नर्सिंग का तृतीय वर्ष का छात्र है। हाल में बेटा घर पर आया था।

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ऑनलाइन गेम में हार गया था रुपया

गुरुवार शाम चार बजे वह खलीलाबाद गया था। कुछ ही देर बाद पत्नी के मोबाइल पर बेटे के मोबाइल से मैसेज आया। इसमें लिखा है कि आप का बेटा किडनैप है। अगर चाहते हैं कि उसे मौत के घाट न उतारूं तो दो लाख रुपये अपने बेटे के खाते में ही ट्रांसफर कर दो।

तीन घंटे में पैसा खाते में आ जाना चाहिए। पुलिस को या किसी अन्य को सूचना दी तो बेटे का अंतिम दर्शन नहीं कर पाओगे। सूचना के बाद अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया गया। कोतवाल रवींद्र कुमार और सर्विलांस सेल के प्रभारी मनोज कुमार पंत को पर्दाफाश के लिए लगाया गया। पुलिस टीम ने रात में ही आशुतोष को बस्ती के हर्रैया से ढूंढ लिया। पूछताछ में आशुतोष ने बताया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था।

तीन जुलाई को उसके व्हाट्सएप पर एक गेम ऑनलाइन गेम का लिंक आया। रकम कमाने की नीयत से उसने गेम खेलना शुरू कर दिया। पांच अगस्त तक गेम खेला और 1.60 लाख हार गया। गेम के लिए दोस्तों से भी उधार लिया था। दोस्त उधारी की रकम मांग रहे थे। उसे चुकाने के लिए खुद ही अपहरण और फिरौती की कहानी रची।

एसपी ने बताया कि आरोपी आशुतोष उर्फ लक्की के खिलाफ जालसाजी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज करते हुए जेल भेज दिया गया। मामले का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को दस हजार रुपये का इनाम दिया।
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