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Lockdown 3.0: यहां फर्जी पास बनाकर खोली जा रहीं थी दुकानें, पुलिस ने ऐसे किया भंडाफोड़

Fri, 15 May 2020 08:17 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 15 May 2020 08:17 PM IST
सार

  • फर्जी पास जनसेवा केंद्र संचालक समेत दो गिरफ्तार
  • मछली विक्रेता का पास चेक करने पर खुला मामला
  • एसडीएम सदर के निर्देश पर हुई कार्रवाई

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public service center operator arrested including two other with fake pass
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर में फर्जी पास लगाकर मछली बेच रहे मोहम्मद सरवर और पास बनाने वाले जनसेवा केंद्र संचालक फिरोज आलम को गोरखनाथ पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जन सेवा केंद्र संचालक के पास से एक फर्जी पास, एक कंप्यूटर, एक मानीटर, एक प्रिंटर, माउस, की बोर्ड, सीपीयू, सहित अन्य सामान बरामद किया है।

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सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह ने बताया कि एसडीएम सदर व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल द्वारा कुछ आवश्यक दुकानों को खोलने के लिए पास जारी किया गया था। कुछ दिनों से उनके पास सूचना आ रही थी कि कुछ दुकानदार फर्जी पास लगाकर दुकानों को खोल रहे हैं।
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उन्होंने पुलिस को कार्रवाई का निर्देश दिया था। जिसके बाद गोरखनाथ इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई थी। टीम को सूचना मिली की गोरखनाथ के हुमायूंपुर कसाईबाड़ा शाहिदाबाद निवासी मोहम्मद सरवर फर्जी पास के जरिए दुकान खोल कर मछली बेच रहा है।
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शुक्रवार को टीम उसकी दुकान पर पहुंची। उसने पास दिखाया। जांच में पता चला कि पास फर्जी है। उसे प्रशासन की ओर से जारी नहीं किया गया है। जिसके बाद पुलिस ने मोहम्मद सरवर को गिरफ्तार कर लिया गया।

ओरिजनल ई-पास की कॉपी का किया था नकल

पुलिस के अनुसार पूछताछ में मोहम्मद सरवर ने बताया कि उक्त पास को उसने चक्सा हुसैन निवासी फिरोज आलम से बनवाया है। जिसके बाद पुलिस ने फिरोज को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि फिरोज ग्राहक सेवा केंद्र चलाता है।

उसने पूछताछ में बताया कि ज्यादा रकम कमाने की लालच में उसने ओरिजनल ई-पास की कॉपी कर हस्ताक्षर और मोहर की भी कापी कर ली। जिसके बाद नकली पास बनाने लगा। पुलिस के अनुसार उसके द्वारा गोरखनाथ के शकील, इरफान और एक अन्य शख्स का भी फर्जी पास बनाया गया है।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में पूछताछ में दो अन्य का भी नाम प्रकाश में आया है। उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपितों के खिलाफ जालसाजी, कूटरचना, साजिश रचने, आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी अधिनियम के आरोप में केस दर्ज किया है।

दोनों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में दरोगा नवीन कुमार सिंह, प्रवीन्द्र कुमार सिंह, सिपाही हरिपाल गुप्ता, आशुतोष कुमार राय आदि शामिल रहे।

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