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इस वजह से लूट की वारदात को अंजाम देता था त्रिभुवन, नेपाल से हवाला के धंधे में भी जुड़ा ये शातिर शूटर

Sun, 04 Oct 2020 01:07 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 04 Oct 2020 01:07 PM IST
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Police will making Rasuka on Shooter tribhuvan robbery in teacher nivedita murder case
पुलिस के गिरफ्त में शातिर शूटर त्रिभुवन सिंह। - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर जिले के शाहपुर में प्रधानाध्यापिका निवेदिता उर्फ डेविना मेजर और उनकी बेटी डेलसिया को गोली चेन स्नेचिंग के दौरान पकड़े जाने पर मारी गई थी। जिसमें डेविना की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि बेटी डेलसिया के पेट में गोली लगने से घायल हो गई थी। क्राइम ब्रांच, शाहपुर व तिवारीपुर पुलिस ने शनिवार को लूट व हत्या की इस घटना में शामिल दोनों आरोपियों त्रिभुवन सिंह उर्फ पिंटू सिंह और दीपक कुमार निभानी समेत चार लोगों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया।  

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चिलुआताल इलाके के काजीपुर निवासी त्रिभुवन सिंह आदतन अपराधी है। उस पर रासुका लगाया जाएगा। त्रिभुवन ने पुलिस को बताया कि अपराध करने के बाद वह नेपाल या सिद्वार्थनगर चला जाता था। लॉकडाउन के बाद उसके पास पैसे की कमी हो गई थी। जिसके लिए उसने लूट करना शुरू कर दिया था। कुछ माह पहले उसने तिवारीपुर में दीपक निभानी के साथ मिलकर महिला की चेन लूटी थी और फरार हो गया था। त्रिभुवन घटना के लिए अक्सर गोरखपुर आता था।
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पुलिस के अनुसार माफिया परवेज टांडा के साथी व शातिर शूटर त्रिभुवन सिंह ने दीपक के साथ मां-बेटी को गोली मारी थी। त्रिभुवन के ऊपर हत्या, लूट, गैंगस्टर, जाली करेंसी सहित 29 मुकदमे पहले से दर्ज हैं। त्रिभुवन नेपाल से हवाला के धंधे में भी जुड़ा है।
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दो साल पहले जाली नोट की खेप के साथ पकड़ा गया था
क्राइम ब्रांच व राजघाट थाने की पुलिस ने 18 मार्च 2018 को राजघाट के नार्मल टैक्सी स्टैंड के पास से 28 हजार रुपये के जाली नोट, असलहा व फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के साथ त्रिभुवन व उसके साथी युनिश को गिरफ्तार किया था। आईएसआई एजेंट से मिलने वाले नकली नोट की खेप को नेपाल से लाकर त्रिभुवन पूर्वांचल में खपाता था।

पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम मिलेगा

त्रिभुवन के पास से पुलिस को खजनी के रहने वाले समीर नाम के व्यक्ति का आधार कार्ड मिला, जिस पर उसकी फोटो लगी थी। जिसका इस्तेमाल वह पहचान पत्र के तौर पर करता था। साथ ही उसके पास से कई फर्जी नंबर प्लेट मिले हैं। उस मामले में भी पुलिस ने त्रिभुवन के खिलाफ जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज का केस दर्ज कर जांच कर रही है। डेविना हत्या की घटना में इस्तेमाल हुई बाइक उसने जिला अस्पताल से चुराई थी।
 
एसएसपी ने गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। हत्यारोपी दीपक नेभानी ने पुलिस के फुटेज जारी करने पर पहचान छिपाने को अपने बाल कटवा लिए। जिस सैलून में बाल कटवाए थे, उसी ने अखबारों में फोटो छपने की पुलिस को सूचना दी थी।
 
त्रिभुवन के करीबियों पर होगी कार्रवाई
फरारी के दौरान त्रिभुवन के संपर्क में जो लोग भी थे चाहे व दोस्त हों या रिश्तेदार या भाई पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। एसएसपी ने बताया कि बदमाश के संबंध उसके भाइयों से होने का प्रमाण मिलने पर गैंगस्टर की कार्रवाई कर पुलिस संपत्ति जब्त कराएगी। उसके भाई भी अपराध में लिप्त रहे हैं।

तिवारीपुर पुलिस की लापरवाही आई सामने

त्रिभुवन ने अपने साथी दीपक के साथ मिलकर तिवारीपुर में महिला से चेन लूटी थी। लेकिन तिवारीपुर पुलिस ने केस ही दर्ज नहीं किया। थानेदार का कहना था कि महिला केस दर्ज कराने को तैयार नहीं है। जबकि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मिली थी। पुलिस यह जानती थी कि वह त्रिभुवन है, फिर भी केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू नहीं की। एसएसपी ने कहा कि इस पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
 
हत्या के बाद बरगदवां होते हुए भागे थे दोनों
पुलिस के अनुसार प्रधानाध्यापिका निवेदिता उर्फ डेविना मेजर की हत्या की घटना के बाद दोनों बरगदवा होते हुए भागे थे। रास्ते में एक पेट्रोल पंप पर तेल भराया था। पुलिस ने वहां की सीसीटीवी फुटेज से मिलान कराई। जिसमें यही दोनों थे। त्रिभुवन सुपारी लेकर हत्या भी करता था। उधर, उसके पुराने साथी यूनिश व दानिश ने गैंगस्टर लगने के बाद सरेंडर कर दिया था।
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