कपड़ा व्यापारी की हत्या का हुआ खुलासा, संपत्ति विवाद में घरवालों ने ही उतारा था मौत के घाट
- तीन गिरफ्तार, मुख्य आरोपित भाई विजय बेटे व अन्य के साथ फरार
- पुलिस कॉल डिटेल की मदद से कर रही तलाश
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गोरखपुर जिले के नार्मल रोड स्थित खुर्रमपुर निवासी कपड़ा व्यापारी राज कुमार सिंह की हत्या संपत्ति के विवाद में की गई थी। पुलिस ने उनके सगे भाई संजय सिंह, बहन गीता सिंह और मुख्य आरोपित भाई विजय सिंह की पत्नी विद्यावती को गिरफ्तार कर लिया है।
पूछताछ में पता चला कि घर में ही मुंबई की संपत्ति को लेकर पंचायत बुलाई गई थी। इसी दौरान राज कुमार सिंह को बेड पर धकेला गया और उनके सिर में चोट लगी फिर उनकी सांस को रोका, जिससे मौत हो गई। मौत के बाद विजय सिंह अपने पुत्र अभिषेक सिंह व एक अन्य को साथ लेकर शव को एकला बंधे पर फेंक आए थे। पुलिस विजय सिंह की तलाश कर रही है। उनके सगे संबंधियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। कॉल डिटेल की मदद से पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी है।
पकड़े गए आरोपितों के बारे में एसपी नार्थ अरविंद कुमार पांडेय व सीओ कैंपियरगंज दिनेश सिंह ने पुलिस लाइंस में संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी दी। एसपी ने बताया कि राज कुमार सिंह छह भाई थे। उनको लेकर विजय सिंह, अजय सिंह, संजय सिंह, त्रिलोकी सिंह, राजेंद्र सिंह का नाम शामिल है। तीन बहन गीता, राधा, विमल सिंह हैं।
राज कुमार सिंह की भाभी कुसुमलता सिंह ने मुंबई स्थित जमीन का आधा हिस्सा देवर त्रिलोकी को दे दिया था। आधा हिस्सा हत्या के मुख्य आरोपित विजय सिंह को देने की बात हुई थी लेकिन बाद में जमीन उसे ना देकर राजकुमार सिंह को दे दिया। इसी बात को लेकर विजय सिंह को खुन्नस थी।
दरअसल, पति अजय सिंह की मौत के बाद कुसुमलता अकेली हो र्गइं थीं, उनके कोई बच्चे नहीं थे और पति की मौत के बाद वह अकेली ही थीं। मार्च में राजकुमार सिंह मुंबई से आए थे। अपने ससुराल में परिवार के साथ रह रहे थे।
आठ जून को विजय सिंह के ही कहने पर वह नार्मल स्थित आवास पर आए थे जहां पर घरवालों के बीच पंचायत हुई। गीता, त्रिलोकी, संजय, अभिषेक, विजय, विद्यावती, राधा मौजूद थी। रात आठ से नौ बजे के बीच राजकुमार सिंह के कमरे में बातचीत शुरू हुई लेकिन राजकुमार सिंह नहीं माने।
अचानक विवाद बढ़ा और मारपीट हो गई। इसी दौरान कमरे में राज कुमार सिंह की हत्या कर दी गई। शव को छिपाने के लिए एकला बंधे पर फेंक दिया गया था। गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसओ गीडा देवेंद्र कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल राजेंद्र वर्मा, कांस्टेबल पवनेश कुमार पांडेय, अनुपम शुक्ला आदि शामिल रहे।