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गोरखपुर: नाबालिग मां के घरवालों तक पहुंची पुलिस, बच्चा पैदा होते ही कूड़े में फेंक दिया था
Mon, 17 Feb 2020 11:08 AM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 17 Feb 2020 11:08 AM IST
सार
- नाबालिग के पिता को सोमवार को बुलाया थाने
- पीपीगंज में किशोरी से दुष्कर्म, गर्भधारण और नवजात की हत्या कर फेंके जाने के प्रकरण में हिली पुलिस
- एसएसपी के आदेश पर पीपीगंज और कैंपियरगंज पुलिस ने अलग-अलग जांच शुरू की
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : social media
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विस्तार
पीपीगंज में 14 साल की किशोरी से दुष्कर्म, गर्भधारण और जन्मते ही नवजात की हत्या के मामले में एफआईआर के बाद चुपचाप बैठी पुलिस रविवार को हिल गई। किशोरी के गांव से गायब होने की खबर पर मामले की पड़ताल के लिए पीपीगंज थाने की पुलिस रविवार को गांव पहुंच गई। मामले की जांच कर रही कैंपियरगंज पुलिस अनायास ही जांच एक कदम आगे बढ़ा बैठी, उसने मां बनी किशोरी के पिता को पूछताछ के लिए सोमवार को तलब किया है।
यानि जिस नवजात की लाश मिली थी, उसकी मां की जानकारी पुलिस को हो गई है। हां, यह जरूर है कि गांव में किशोरी का अब भी कोई अता-पता नहीं है। अमर उजाला को खबर मिली है कि उसे कहीं हटा दिया गया। किसके इशारे पर और क्यों, यह बड़ा सवाल है।
शनिवार को एसएसपी के आदेश बाद सक्रिय हुई पीपीगंज और कैंपियरगंज पुलिस ने गांव में जाकर किशोरी के बारे में जानकारी जुटाई है। हालांकि किशोरी को पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। उधर, कैंपियरगंज पुलिस ने भी किशोरी के पिता से संपर्क कर बयान के लिए उसे सोमवार को थाने में बुलाया है। मगर, अब भी यह सवाल वहीं पर खड़ा है कि किशोरी कहां है और उसकी जिंदगी सुरक्षित भी है या नहीं।
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यानि जिस नवजात की लाश मिली थी, उसकी मां की जानकारी पुलिस को हो गई है। हां, यह जरूर है कि गांव में किशोरी का अब भी कोई अता-पता नहीं है। अमर उजाला को खबर मिली है कि उसे कहीं हटा दिया गया। किसके इशारे पर और क्यों, यह बड़ा सवाल है।
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शनिवार को एसएसपी के आदेश बाद सक्रिय हुई पीपीगंज और कैंपियरगंज पुलिस ने गांव में जाकर किशोरी के बारे में जानकारी जुटाई है। हालांकि किशोरी को पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। उधर, कैंपियरगंज पुलिस ने भी किशोरी के पिता से संपर्क कर बयान के लिए उसे सोमवार को थाने में बुलाया है। मगर, अब भी यह सवाल वहीं पर खड़ा है कि किशोरी कहां है और उसकी जिंदगी सुरक्षित भी है या नहीं।
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अमर उजाला ने छापी खबर
इस बीच अमर उजाला में प्रकाशित यह संवेदनशील खबर पढ़कर सामने आए एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने नाबालिग मां को सामने लाने के लिए उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने का प्रस्ताव रखा है। अमर उजाला इस तरह के जघन्य अपराध को करने, छुपाने और उद्घाटित करने से रोकने वालों को बेनकाब करने के लिए कटिबद्ध है। इसके लिए कानून के दायरे में वह किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने कहा कि मामले की जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया गया है। पीपीगंज और कैंपियरगंज पुलिस लगी है, जल्द ही घटना का अनावरण कर लिया जाएगा।
गांव में मची खलबली, सिफारिश को कई प्रभावी आगे आए
पीपीगंज इलाके में नवजात की हत्या की जिस घटना को लेकर पुलिस की जांच पड़ताल सुस्त पड़ी थी, उसकी जांच में तेजी आते ही खलबली मच गई है। सिफारिश के लिए कई सत्ताधारी नेता एसओ को फोन भी करने लगे। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जो भी आरोपित होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में पीपीगंज थानेदार की तहरीर पर चार फरवरी 20 को केस दर्ज कर लिया गया था। थानेदार ही वादी थे, इस वजह से विवेचना छह फरवरी को कैंपियरगंज पुलिस के हवाले की गई थी। कैंपियरगंज पुलिस ने गांव वालों का बयान लिया, लेकिन कोई साक्ष्य नहीं मिलने की बात कहते हुए चुपचाप बैठ गई। इसी बीच नाबालिग मां गांव से लापता हो गई।
कैंपियरगंज एसओ निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि लड़की के बारे में कुछ जानकारी मिली है। उसके पिता को बयान के लिए बुलाया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। क्राइम मीटिंग होने की वजह से घटनास्थल पर नहीं जा सका था।
एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने कहा कि मामले की जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया गया है। पीपीगंज और कैंपियरगंज पुलिस लगी है, जल्द ही घटना का अनावरण कर लिया जाएगा।
गांव में मची खलबली, सिफारिश को कई प्रभावी आगे आए
पीपीगंज इलाके में नवजात की हत्या की जिस घटना को लेकर पुलिस की जांच पड़ताल सुस्त पड़ी थी, उसकी जांच में तेजी आते ही खलबली मच गई है। सिफारिश के लिए कई सत्ताधारी नेता एसओ को फोन भी करने लगे। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जो भी आरोपित होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में पीपीगंज थानेदार की तहरीर पर चार फरवरी 20 को केस दर्ज कर लिया गया था। थानेदार ही वादी थे, इस वजह से विवेचना छह फरवरी को कैंपियरगंज पुलिस के हवाले की गई थी। कैंपियरगंज पुलिस ने गांव वालों का बयान लिया, लेकिन कोई साक्ष्य नहीं मिलने की बात कहते हुए चुपचाप बैठ गई। इसी बीच नाबालिग मां गांव से लापता हो गई।
कैंपियरगंज एसओ निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि लड़की के बारे में कुछ जानकारी मिली है। उसके पिता को बयान के लिए बुलाया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। क्राइम मीटिंग होने की वजह से घटनास्थल पर नहीं जा सका था।