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भाइयों के साथ मां भी बनी कातिल, अपने ही बेटे को उतार दिया मौत के घाट

Tue, 27 Oct 2020 09:16 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 27 Oct 2020 09:16 PM IST
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Mother killed son with two other son in Gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर कोतवाली इलाके के मियां बाजार निवासी बच्चा बैंड के मालिक प्रेम शंकर की हत्या के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात में दोनों भाई ही नहीं बल्कि मां भी शामिल थी। पुश्तैनी मकान के बंटवारे के विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया था।  

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पुलिस ने प्रेम शंकर की पत्नी की तहरीर पर केस दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल रॉड को भी पुलिस ने बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपित भाई विधाता व हेमंत और मां कलावती को कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया।
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एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ व सीओ कोतवाली वीपी सिंह ने मंगलवार को संयुक्त प्रेसवार्ता में बताया कि प्रेम शंकर तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। पिता बेचन प्रसाद रेलवे में तैनात थे। उनकी मौत के बाद प्रेम शंकर को उनकी जगह नौकरी मिली थी। इसे और संपत्ति को लेकर उनका अन्य दो भाइयों से विवाद चल रहा था।
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पुश्तैनी मकान को लेकर था विवाद

मामला कई बार थाने पर भी पहुंचा और पुलिस ने कार्रवाई भी की थी। इसी बीच प्रेम शंकर को अपने चाचा की संपत्ति भी मिल गई, जिसके बाद विवाद और गहरा गया। सोमवार को तीनों भाइयों में पुश्तैनी मकान के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ तो मां भी पहुंच गई। मारपीट में प्रेम शंकर के सिर पर चोट लगी और जिला अस्पताल पहुंचने से पहले उनकी मौत हो गई।

पुलिस प्रेम शंकर की पत्नी की तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपितों की तलाश में जुटी थी कि इसी बीच मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि तीनों फरार होने की फिराक में शास्त्री चौक के पास मौजूद हैं। पुलिस ने वहां पहुंचकर तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

मुंबई में थी तैनाती, चार साल से नौकरी पर नहीं गए थे प्रेम शंकर
पुलिस के मुताबिक, प्रेम शंकर को रेलवे में पिता की जगह नौकरी मिली थी। वर्तमान में उनकी तैनाती मुंबई में थी। नौकरी और संपत्ति को लेकर प्रेम शंकर का अपने भाइयों से बार-बार विवाद हो रहा था। ऐसे में प्रेम शंकर चार साल से मुंबई नौकरी पर नहीं गए। यहीं रहकर अपने बैंड के व्यापार को आगे बढ़ा रहे थे। मां अन्य दो भाइयों के साथ रहती थी।



 
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