{"_id":"61554cbb8ebc3e965872a911","slug":"manish-gupta-murder-case-update-gorakhpur-dm-ssp-pressurized-family-members-not-to-register-case-against-police","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Manish Gupta Murder Case: गोरखपुर डीएम-एसएसपी ने बनाया था केस दर्ज न कराने का दबाव, पत्नी बोली- मुझे तो जान के बदले चाहिए जान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
Manish Gupta Murder Case: गोरखपुर डीएम-एसएसपी ने बनाया था केस दर्ज न कराने का दबाव, पत्नी बोली- मुझे तो जान के बदले चाहिए जान
Thu, 30 Sep 2021 11:31 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 30 Sep 2021 11:31 AM IST
सार
मनीष के परिजनों से आला अफसरों की बातचीत का वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें डीएम-एसएसपी मनीष के परिजनों को मुकदमा दर्ज कराने के बाद की दुश्वारियों को बताते दिख रहे हैं। कहा था कि कोर्ट के चक्कर काटने पड़ेंगे और इसमें सालों लग जाएंगे।
विज्ञापन
वायरल वीडियो से ली गई फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत के बाद आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा नहीं कराने के लिए परिजनों को धमकाया गया था। जिलाधिकारी विजय किरन आनंद और एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने पत्नी और परिजनों से मुकदमे के बाद की चुनौतियां और दुश्वारियां गिनाईं थीं। कहा था कि तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। कोर्ट के चक्कर काटने होंगे। इसमें सालों लग जाएंगे। परिजनों से दोनों अधिकारियों की बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पीड़ित परिजनों व अफसरों के बीच बातचीत का यह वीडियो एक मिनट दो सेकेंड का है। बताया जा रहा है कि इसे मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने बनाया और मीडिया को उपलब्ध कराया है। वीडियो वायरल होने के बाद मामले में राजनीति तेज हो गई है। जिलाधिकारी व एसएसपी की संवेदनशीलता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
ये है मामला
कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत शहर के होटल कृष्णा पैलेस में सोमवार देर रात हुई थी। आरोप है कि सुरक्षा के नाम पर जांच करने गई पुलिस की पिटाई से मनीष की मौत हुई थी। मनीष के दोस्त व उनकी पत्नी आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके उन्हें निलंबित करने की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस-प्रशासन का रवैया ढीलाढाला था। नतीजा रहा कि कारोबारी की पत्नी ने पंचनामा भरने में सहयोग से इनकार कर दिया था। इससे दबाव बना और रामगढ़ताल थाने के इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, दरोगा अक्षय मिश्रा व विजय यादव को निलंबित किया गया। हालांकि पुलिस के आला अफसर आरोपितों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने से बच रहे थे। अंतिम समय तक उन्होंने प्रयास भी जारी रखा। इसके लिए पीड़ित परिजनों को पहले नौकरी का लालच दिया गया, फिर धमकाया गया।
विज्ञापन
'कोर्ट के चक्कर काटने पड़ेंगे, इसमें सालों लग जाएंगे'
जिलाधिकारी विजय किरन आनंद व एसएसपी डा विपिन ताडा मंगलवार देर रात मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता व परिजनों से मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित पुलिस चौकी में बात करने गए थे। इस बीच जो संवाद हुआ, उसका वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में जिलाधिकारी कह रहे हैं कि एक बार मुकदमा होने के बाद आपको अंदाजा नहीं है। पता नहीं है क्या? सालों लग जाते हैं। कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं। बड़े भाई के तौर पर समझा रहा हूं। मेरा अनुरोध मान लिजिए। मैं और कप्तान साहब मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे। इस मामले की निगरानी करेंगे।
इस बीच एसपी डॉ. विपिन ताडा बोल पड़ते हैं। वह कहते हैं कि उनका पहले से कोई झगड़ा नहीं था। पुलिस कर्मी वर्दी पहनकर जांच करने गए थे। इसीलिए हम आपके पास आए हैं। आपने कहा तो हमने आरोपित पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया। जब तक जांच पूरी नहीं होगी, तब तक आरोपित पुलिसकर्मी वर्दी नहीं पहन पाएंगे। वो बहाल भी नहीं होंगे। अधिकारियों को जब पता चला कि बातचीत की वीडियो रिकार्डिंग हो रही है तो उन्होंने मना किया। हालांकि वीडियो की सत्यता की अमर उजाला पुष्टि नहीं करता है।
विज्ञापन
पीड़ित परिजनों व अफसरों के बीच बातचीत का यह वीडियो एक मिनट दो सेकेंड का है। बताया जा रहा है कि इसे मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने बनाया और मीडिया को उपलब्ध कराया है। वीडियो वायरल होने के बाद मामले में राजनीति तेज हो गई है। जिलाधिकारी व एसएसपी की संवेदनशीलता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
ये है मामला
कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत शहर के होटल कृष्णा पैलेस में सोमवार देर रात हुई थी। आरोप है कि सुरक्षा के नाम पर जांच करने गई पुलिस की पिटाई से मनीष की मौत हुई थी। मनीष के दोस्त व उनकी पत्नी आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके उन्हें निलंबित करने की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस-प्रशासन का रवैया ढीलाढाला था। नतीजा रहा कि कारोबारी की पत्नी ने पंचनामा भरने में सहयोग से इनकार कर दिया था। इससे दबाव बना और रामगढ़ताल थाने के इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, दरोगा अक्षय मिश्रा व विजय यादव को निलंबित किया गया। हालांकि पुलिस के आला अफसर आरोपितों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने से बच रहे थे। अंतिम समय तक उन्होंने प्रयास भी जारी रखा। इसके लिए पीड़ित परिजनों को पहले नौकरी का लालच दिया गया, फिर धमकाया गया।
विज्ञापन
'कोर्ट के चक्कर काटने पड़ेंगे, इसमें सालों लग जाएंगे'
जिलाधिकारी विजय किरन आनंद व एसएसपी डा विपिन ताडा मंगलवार देर रात मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता व परिजनों से मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित पुलिस चौकी में बात करने गए थे। इस बीच जो संवाद हुआ, उसका वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में जिलाधिकारी कह रहे हैं कि एक बार मुकदमा होने के बाद आपको अंदाजा नहीं है। पता नहीं है क्या? सालों लग जाते हैं। कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं। बड़े भाई के तौर पर समझा रहा हूं। मेरा अनुरोध मान लिजिए। मैं और कप्तान साहब मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे। इस मामले की निगरानी करेंगे।
इस बीच एसपी डॉ. विपिन ताडा बोल पड़ते हैं। वह कहते हैं कि उनका पहले से कोई झगड़ा नहीं था। पुलिस कर्मी वर्दी पहनकर जांच करने गए थे। इसीलिए हम आपके पास आए हैं। आपने कहा तो हमने आरोपित पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया। जब तक जांच पूरी नहीं होगी, तब तक आरोपित पुलिसकर्मी वर्दी नहीं पहन पाएंगे। वो बहाल भी नहीं होंगे। अधिकारियों को जब पता चला कि बातचीत की वीडियो रिकार्डिंग हो रही है तो उन्होंने मना किया। हालांकि वीडियो की सत्यता की अमर उजाला पुष्टि नहीं करता है।
मुझे तो जान के बदले जान चाहिए: मीनाक्षी
बता दें कि मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी से मनीष के परिजन नाराज हो गए थे। पत्नी मीनाक्षी सहित कई लोग मेडिकल कॉलेज के बाहर सड़क पर धरना देने लगे थे। धरना करीब 30 मिनट तक चला था, फिर अफसरों ने बुलाकर परिजनों से बात की और मंगलवार देर रात मामले में आरोपी इंस्पेक्टर व दरोगा सहित छह पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
पति की मौत की सूचना पर कानपुर से गोरखपुर आई मीनाक्षी गुप्ता ने डीएम विजय किरन आनंद और एसएसपी डा विपिन ताडा से साफ कहा था कि पुलिस कर्मियों की नौकरी नहीं चाहिए। मुझे तो जान के बदले जान चाहिए। मीनाक्षी लगातार आरोपित पुलिस कर्मियों पर हत्या का आरोप लगा रही थीं।
वायरल वीडियो में डीएम का कथन
एक बार मुकदमा होने के बाद आपको अंदाजा नहीं है। पता नहीं है क्या? सालों लग जाते हैं। कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं। बड़े भाई के तौर पर समझा रहा हूं। मेरा अनुरोध मान लिजिए। मैं और कप्तान साहब मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे।
वायरल वीडियो में एसएसपी का कथन
पुलिस कर्मी वर्दी पहनकर जांच करने गए थे। इसीलिए हम आपके पास आए हैं। आपने कहा तो हमने आरोपी पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया। जब तक जांच पूरी नहीं होगी, तब तक आरोपी पुलिसकर्मी वर्दी नहीं पहन पाएंगे। वो बहाल भी नहीं होंगे।
पति की मौत की सूचना पर कानपुर से गोरखपुर आई मीनाक्षी गुप्ता ने डीएम विजय किरन आनंद और एसएसपी डा विपिन ताडा से साफ कहा था कि पुलिस कर्मियों की नौकरी नहीं चाहिए। मुझे तो जान के बदले जान चाहिए। मीनाक्षी लगातार आरोपित पुलिस कर्मियों पर हत्या का आरोप लगा रही थीं।
वायरल वीडियो में डीएम का कथन
एक बार मुकदमा होने के बाद आपको अंदाजा नहीं है। पता नहीं है क्या? सालों लग जाते हैं। कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं। बड़े भाई के तौर पर समझा रहा हूं। मेरा अनुरोध मान लिजिए। मैं और कप्तान साहब मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे।
वायरल वीडियो में एसएसपी का कथन
पुलिस कर्मी वर्दी पहनकर जांच करने गए थे। इसीलिए हम आपके पास आए हैं। आपने कहा तो हमने आरोपी पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया। जब तक जांच पूरी नहीं होगी, तब तक आरोपी पुलिसकर्मी वर्दी नहीं पहन पाएंगे। वो बहाल भी नहीं होंगे।