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एम्स में कैंटीन दिलाने के नाम पर ठगी: महिला जालसाज का घर होगा कुर्क, 9 लाख की हुई थी जालसाजी
Fri, 26 Mar 2021 10:57 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 26 Mar 2021 10:57 AM IST
सार
- भगोड़ा घोषित करते हुए पुलिस ने चस्पा कराया नोटिस
- एम्स में कैंटीन दिलाने के नाम पर की थी 9 लाख की जालसाजी
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AIIMS Gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर एम्स में कैंटीन दिलाने के नाम पर मर्चेंट नेवी में तैनात कुशीनगर के युवक से नौ लाख की जालसाजी के मामले में फरार आरोपी महिला को भगोड़ा घोषित कर दिया गया है। साथ ही कोर्ट के आदेश पर महिला के घर पर कुर्की का नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है।
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जानकारी के मुताबिक, नवंबर 2019 में एम्स में कैंटीन आवंटन के नाम पर जालसाजी का मामला सामने आया था। कुशीनगर के सेवरही निवासी शाहरूख ने मार्च 2019 में गोरखनाथ इलाके में रहने वाले पवन कुमार त्रिपाठी और उनकी पत्नी समीक्षा त्रिपाठी पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज कराया था।
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बताया था कि दंपती ने एम्स में कैंटीन (फूड प्लाजा) आवंटित कराने का आश्वासन दिया। इसके एवज में उन्होंने 16 लाख रुपये की डिमांड की थी। शाहरूख का भरोसा जीतने के लिए दोनों ने उन्हें एम्स कैंपस में घुमाया। इस दौरान कैंटीन वाली जगह भी दिखाई।
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वह झांसे में आ गए और नौ लाख रुपये यह कहते हुए दे दिए कि बाकी रकम बाद में दी जाएगी। नौ लाख रुपये में आधी रकम खाते में दी और आधी नकद दी गई। रकम लेने के बाद दंपती ने शाहरूख को एक अनुबंध पत्र भी दिया था। बाद में वह फर्जी निकला और युवक ने केस दर्ज कराया था।
बृहस्पतिवार को धर्मशाला चौकी इंचार्ज धीरेंद्र राय ने समीक्षा त्रिपाठी के मूल निवास चिलुआताल के अहिरौली में पहुंच कर कुर्की का नोटिस चस्पा किया।