{"_id":"5e3517758ebc3e4afe314260","slug":"accused-arrested-for-retired-railway-employees-fraud-calling-sbi-agent","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"खुद को एसबीआई का एजेंट बता रेलवे के रिटायर कर्मचारियों से जालसाजी, आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
खुद को एसबीआई का एजेंट बता रेलवे के रिटायर कर्मचारियों से जालसाजी, आरोपी गिरफ्तार
Sat, 01 Feb 2020 11:45 AM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Sat, 01 Feb 2020 11:45 AM IST
सार
- विदाई समारोह में आकर पेंशनर्स से जालसाजी करने का आरोपित पकड़ा
- खुद को एसबीआई का एजेंट बता देता था इंश्योरेंस में रकम लगाने का लालच
- रकम को निजी कंपनी में कर देता था ट्रांसफर, लखनऊ का रहने वाला है आरोपित
विज्ञापन
पकड़ा गया आरोपित (लाल घेरे में)।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रेलवे के रिटायर कर्मचारियों से जालसाजी का बड़ा मामला सामने आया है। कर्मचारियों ने आरोपित जालसाज को रेलवे परिसर से पकड़कर पुलिस के हवाले किया है। पूछताछ में पता चला कि वह एसबीआई लाइफ का एजेंट बनकर सेवानिवृत्त कर्मचारियों के विदाई समारोह में शामिल होता था और मंच से इंश्योरेंस में रकम लगाने का लालच देकर जालसाजी करता था। सरकारी कंपनी के नाम पर रकम लेकर वह स्मार्टवन बिजनेस इंफ्रा के खाते में उसे ट्रांसफर कर देता था। आरोपित की पहचान लखनऊ निवासी रणधीर त्रिपाठी के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को सीपीओ (मुख्य क्रामिक अधिकारी) कार्यालय में विदाई समारोह आयोजित किया गया था। उसी दौरान पहले ठगी का शिकार हो चुके विनोद कुमार श्रीवास्तव ने आरोपित को पहचान लिया और साथियों को जानकारी दी। फिर वहां मौजूद पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह 10 से 12 लोगों को ठगा है। उसने बताया कि उसने एसबीआई लाइफ के नाम पर निजी कंपनी में रकम लगाई है। बताया कि उसने अधिकतर लोगों को रकम वापस कर दी है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को सीपीओ (मुख्य क्रामिक अधिकारी) कार्यालय में विदाई समारोह आयोजित किया गया था। उसी दौरान पहले ठगी का शिकार हो चुके विनोद कुमार श्रीवास्तव ने आरोपित को पहचान लिया और साथियों को जानकारी दी। फिर वहां मौजूद पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह 10 से 12 लोगों को ठगा है। उसने बताया कि उसने एसबीआई लाइफ के नाम पर निजी कंपनी में रकम लगाई है। बताया कि उसने अधिकतर लोगों को रकम वापस कर दी है।
विज्ञापन
दो लोगों के साथ ऐसे की जालसाजी
गोरखपुर के चीफ आफिस से 26 जून को सेवानिवृत्त हुए विनोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सीपीओ कार्यालय में विदाई समारोह का आयोजन था। उसी दौरान वहां रणधीर त्रिपाठी नाम का युवक भी खड़ा था। उसने मंच सेे अपना परिचय एसबीआई लाइफ के एजेंट के रूप में दी। विनोद ने बताया कि शाम को मेरी विदाई वाली फोटो के साथ घर आया और एसबीआई लाइफ में रकम लगाने को कहा।
मैं उसके जाल में फंस गया और उसके कहे के अनुसार आठ लाख के दो चेक दे दिए। कुछ दिन बाद मोबाइल फोन पर स्मार्ट वन बिजनेस इंफ्रा के पक्ष में रकम ट्रांसफर होने का मैसेज आया। उसके बाद मैने उसे खोजना शुरू कर दिया। कुछ दिन बाद जब वह पकड़ में आया तो उसने गलती स्वीकारी और सात लाख रुपये धीरे-धीरे कर वापस कर दिया। उसके बाद भी वह लोगों के साथ धोखाधड़ी करता रहा। शुक्रवार को पकड़ा गया। ठीक इसी तरह लखनऊ में तैनात रहे विक्त्रस्म से भी उसने पांच लाख रुपये ठगे थे।
मैं उसके जाल में फंस गया और उसके कहे के अनुसार आठ लाख के दो चेक दे दिए। कुछ दिन बाद मोबाइल फोन पर स्मार्ट वन बिजनेस इंफ्रा के पक्ष में रकम ट्रांसफर होने का मैसेज आया। उसके बाद मैने उसे खोजना शुरू कर दिया। कुछ दिन बाद जब वह पकड़ में आया तो उसने गलती स्वीकारी और सात लाख रुपये धीरे-धीरे कर वापस कर दिया। उसके बाद भी वह लोगों के साथ धोखाधड़ी करता रहा। शुक्रवार को पकड़ा गया। ठीक इसी तरह लखनऊ में तैनात रहे विक्त्रस्म से भी उसने पांच लाख रुपये ठगे थे।
कर्मचारियों के घर पहुंचाता था फोटो, मिठाई
वह कर्मचारियों के विदाई समारोह में पहुंचकर माला और मिठाई की व्यवस्था करता था। साथ ही फोटो खींच कर कर्मचारियों को घर जाकर देता था। चूंकि वह उस विदाई समारोह में शामिल रहता था, ऐसे में कुछ लोग उस पर भरोसा करके और उसके जाल में फंस जाते थे। अब तक 12 लोग उसकी ठगी का शिकार हो चुके हैं।
आरोपित शख्स हर विदाई समारोह में आता था और मंच से एसबीआई के बारे में जानकारी देता था। उसके बाद सीधे साधे लोगों वह फांस कर अपनी निजी कंपनी में रकम ट्रांसफर कर लेता था।
- विनोद राय, महामंत्री पीआरकेएस
आरोपित शख्स हर विदाई समारोह में आता था और मंच से एसबीआई के बारे में जानकारी देता था। उसके बाद सीधे साधे लोगों वह फांस कर अपनी निजी कंपनी में रकम ट्रांसफर कर लेता था।
- विनोद राय, महामंत्री पीआरकेएस