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गोरखपुर: 14 साल पहले घुस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था दरोगा, अब कोर्ट ने सुना दी चार साल की कड़ी सजा
Wed, 24 Nov 2021 10:01 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 24 Nov 2021 10:01 AM IST
सार
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक परमानंद राम त्रिपाठी के अनुसार शिकायतकर्ता जगन्नाथ पटेल ने 30 मई 2007 को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। प्रार्थना पत्र में लिखा था कि उसका वकील तुलसीराम पटेल से झगड़ा हो गया था। जिसका मुकदमा उसने न्यायालय के आदेश पर थाना नवाबगंज, फैजाबाद में दर्ज कराया था।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर।)
- फोटो : iStock
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विस्तार
घुस लेते रंगे हाथ पकड़े जाने का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तनू भटनागर ने इलाहाबाद जिले के भरवई थाना क्षेत्र के महुरातारा तत्कालीन दरोगा रामसूरत यादव को चार साल के कठोर कारावास एवं आठ हजार रुपया अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर आरोपी को दो माह के लिए अलग से जेल में रहना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक परमानंद राम त्रिपाठी के अनुसार शिकायतकर्ता जगन्नाथ पटेल ने 30 मई 2007 को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। प्रार्थना पत्र में लिखा था कि उसका वकील तुलसीराम पटेल से झगड़ा हो गया था। जिसका मुकदमा उसने न्यायालय के आदेश पर थाना नवाबगंज, फैजाबाद में दर्ज कराया था।
मुकदमे में कार्रवाई के लिए अभियुक्त दरोगा रामसूरत यादव वादी से पांच हजार रुपया घूस की मांग किया। जिस पर एक टैप टीम का गठन हुआ और आरोपी दरोगा को 1 जून 2007 को को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था।
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अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक परमानंद राम त्रिपाठी के अनुसार शिकायतकर्ता जगन्नाथ पटेल ने 30 मई 2007 को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। प्रार्थना पत्र में लिखा था कि उसका वकील तुलसीराम पटेल से झगड़ा हो गया था। जिसका मुकदमा उसने न्यायालय के आदेश पर थाना नवाबगंज, फैजाबाद में दर्ज कराया था।
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मुकदमे में कार्रवाई के लिए अभियुक्त दरोगा रामसूरत यादव वादी से पांच हजार रुपया घूस की मांग किया। जिस पर एक टैप टीम का गठन हुआ और आरोपी दरोगा को 1 जून 2007 को को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था।
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