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अब 1600 रुपये में होगी निजी लैब में कोरोना की जांच
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अब 1600 रुपये में होगी निजी लैब में कोरोना की जांच
गोरखपुर। निजी लैब में अब कोरोना संक्रमण की जांच 1600 रुपये में ही होगी। पहले रकम 2500 रुपये निर्धारित थी। शासन ने कोरोना जांच के निर्धारित शुल्क में 36 फीसदी की कमी की है। इसके बाद शहर की निजी पैथोलॉजी ने जांच करने से मना कर दिया है। पैथोलॉजी एसोसिएशन ने जांच नहीं करने के पीछे खर्च ज्यादा होने का हवाला दिया है। साथ ही सरकार से शुल्क निर्धारण पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने बताया कि वर्तमान समय में आरटीपीसीआर तथा वीटीएम किट के कीमत में गिरावट आने के चलते शासन ने निजी लैब में कोरोना जांच के लिए निर्धारित शुल्क में कमी करने का निर्णय लिया है। नई कीमत तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि ट्रूनेट के कन्फर्मेटरी (पुष्टि) के लिए भी जांच में अधिकतम धनराशि 1600 रुपये ही ली जाएगी। आदेश का पालन न करने पर संबंधित लैब के संचालक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं शुल्क कम किए जाने के बाद पैथोलॉजी एसोसिएशन के सचिव डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि कोरोना संक्रमण की जांच का शुल्क पहले 2500 रुपये था। उसमें भी बहुत बचत नहीं थी। अब इसे घटाकर 1600 रुपये कर दिया गया। 1344 रुपये की एक किट आती है। निगेटिव में एक व पॉजिटिव रिपोर्ट आने में दो किट का उपयोग होता है। इसके अलावा पीपीई किट आदि सुरक्षा उपायों, कर्मचारियों व आपरेटर का वेतन, बिजली व मशीन का खर्च अलग है। पोर्टल पर डाटा अपलोड करने के लिए कई पैथोलॉजी ने तीन-तीन स्टाफ तैनात किए हैं। ऐसे में 1600 रुपये में कैसे जांच हो पाएगी।
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गोरखपुर। निजी लैब में अब कोरोना संक्रमण की जांच 1600 रुपये में ही होगी। पहले रकम 2500 रुपये निर्धारित थी। शासन ने कोरोना जांच के निर्धारित शुल्क में 36 फीसदी की कमी की है। इसके बाद शहर की निजी पैथोलॉजी ने जांच करने से मना कर दिया है। पैथोलॉजी एसोसिएशन ने जांच नहीं करने के पीछे खर्च ज्यादा होने का हवाला दिया है। साथ ही सरकार से शुल्क निर्धारण पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने बताया कि वर्तमान समय में आरटीपीसीआर तथा वीटीएम किट के कीमत में गिरावट आने के चलते शासन ने निजी लैब में कोरोना जांच के लिए निर्धारित शुल्क में कमी करने का निर्णय लिया है। नई कीमत तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि ट्रूनेट के कन्फर्मेटरी (पुष्टि) के लिए भी जांच में अधिकतम धनराशि 1600 रुपये ही ली जाएगी। आदेश का पालन न करने पर संबंधित लैब के संचालक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं शुल्क कम किए जाने के बाद पैथोलॉजी एसोसिएशन के सचिव डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि कोरोना संक्रमण की जांच का शुल्क पहले 2500 रुपये था। उसमें भी बहुत बचत नहीं थी। अब इसे घटाकर 1600 रुपये कर दिया गया। 1344 रुपये की एक किट आती है। निगेटिव में एक व पॉजिटिव रिपोर्ट आने में दो किट का उपयोग होता है। इसके अलावा पीपीई किट आदि सुरक्षा उपायों, कर्मचारियों व आपरेटर का वेतन, बिजली व मशीन का खर्च अलग है। पोर्टल पर डाटा अपलोड करने के लिए कई पैथोलॉजी ने तीन-तीन स्टाफ तैनात किए हैं। ऐसे में 1600 रुपये में कैसे जांच हो पाएगी।
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