कोरोना वायरस-स्वाइन फ्लू: यात्रियों को ये पांच लक्ष्ण दिखाई दें तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर फोन करें
- हवाई अड्डे पर आने वाले यात्रियों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया नंबर
- किसी भी तरह की समस्या होने पर 05512225145 पर फोन कर ले सकते हैं मदद
- जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तैयार हुआ आइसोलेशन वार्ड फिलहाल कोई मरीज भर्ती नहीं
विस्तार
संक्रामक कोरोना वायरस और स्वाइन फ्लू से बचाव के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने हवाई यात्रियों की निगरानी और उनको सहायता देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 0551-2225145 और 8005192660 जारी किया है।
नेपाल सीमा के जिलों पर भी आने वालों में संक्रमण की जांच थर्मल स्कैनर के जरिये की जा रही है। चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना वायरस जापान, सिंगापुर, थाईलैंड के रास्ते दिल्ली तक पहुंच चुका है।
बुद्धा सर्किट से जुड़ा होने के कारण जिले में इन देशों के पयर्टक आते रहते हैं। जिले के कई हजार लोग थाईलैंड और दक्षिण पूर्वी देशों में रहते हैं। कोरोना वायरस फैलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इन देशों से आने वाले लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी तेज कर दी है।
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से हवाई अड्डे पर विदेशों से आने वाले हवाई यात्रियों को जागरूक करने के लिए बैनर पोस्टर लगाए गए। इनपर यात्रियों के लिए सलाह लिखी है कि यदि उन्हें सिरदर्द, सर्दी, जुकाम, बुखार, सिर में भारीपन या किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या हो रही हो तो तुरंत 0551-2225145 और 8005192660 पर कॉल कर सहायता मांगें।
सीएमएओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि गोरखपुर हवाई अड्डे पर अंतरराष्ट्रीय यात्री सीधे नहीं आते, बल्कि वाया दिल्ली, मुंबई या कोलकाता आते हैं। इन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर यात्रियों की पहले ही जांच की जा चुकी होती है। बावजूद इसके यहां आने वाले न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय बल्कि स्वाइन फ्लू के मद्देनजर अंतरदेशीय यात्रियों की भी निगरानी और सहायता का इंतजाम किया गया है। हवाई अड्डा प्रशासन की ओर से प्रतिदिन शाम को यात्रियों की सूची दी जाती है, इन यात्रियों की निगरानी चौदह दिन तक की जाएगी।
आइसोलेशन वार्ड मरीज भर्ती के लिए तैयार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू चिकित्सालय में भी आठ बेड का आइसोलेशन वार्ड चालू हो गया है। अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गिरीशचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि वार्ड नंबर छह में स्वाइन फ्लू, कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों को भर्ती और इलाज के लिए तैयार किया गया है।
संक्रामक कोरोना और स्वाइन फ्लू की दस्तक से बढ़ी मास्क की मांग
गोरखपुर जिले में स्वाइन फ्लू के दो मरीज मिलने के बाद अचानक ही मास्क की मांग तीन से चार गुना बढ़ गई है। बेतियाहाता स्थित संजय मेडिकल हॉल के संचालक विनय कुमार के अनुसार दो तीन दिन से अचानक मास्क की मांग बढ़ गई है। प्रवीण मेडिकल स्टोर के संचालक ने बताया कि सुबह से शाम तक कम से कम पच्चीस लोग आते हैं और स्वाइन फ्लू से बचाव करने वाले मास्क की मांग या जानकारी करते हैं।
भालोटिया मार्केट में उर्वशी मेडिकल स्टोर के संचालक आलोक कुमार ने बताया कि दस रुपये की कीमत वाला मास्क लोग संक्रमण से बचाव के लिए खरीद रहे हैं। पचास रुपये कीमत वाले क्लाथ मास्क की भी मांग चार से पांच गुना बढ़ी है। प्रदूषण और संक्रमण की रोकथाम में कारगर माना जाने वाला एन 95 मास्क की भी मांग हो रही है।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि साधारण सर्जिकल मास्क से भी संक्रमण की संभावनाएं काफी हद तक घट जाती हैं। सर्दी जुकाम के पीड़ितों को चाहिए कि मास्क लगाएं रखें या खांसते-छींकते समय मुंह को कपड़े से ढक कर रखें ताकि संक्रमण न हो।