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कोरोना का लक्षण दिखे तो पहले खुद करें आइसोलेट
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कोरोना का लक्षण दिखे तो पहले खुद करें आइसोलेट
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान (एम्स) गोरखपुर की निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने कहा कि अगर बुखार, खांसी, गंध समझने का अभाव सहित कोरोना के अन्य लक्षण हैं तो, तत्काल अपने को आइसोलेट कर लें और सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर एवं स्थानीय प्रशासन को जानकारी दें। मधुमेह, उच्च रक्तचाप व हृदय संबंधित रोग से ग्रसित व्यक्ति को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। 10 वर्ष से कम व 60 वर्ष से अधिक के लोगों को बाहर नहीं निकलना चाहिए। साथ ही खानपान में विशेष सतर्कता बरतें।
डॉ सुरेखा मंगलवार को बीआईटी, गीडा द्वारा ‘कोविड-19 : जागरूकता एवं बचाव के उपाय’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय वेबिनार को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी का स्वरूप ले चुकी है। इस महामारी के कारण हजारों लोगों की असमय मृत्यु हो चुकी है। कोविड-19 से बचाव के लिए सर्वप्रथम हमें भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। अगर बाहर जाना आवश्यक है तो मास्क लगाकर ही जाएं। कोशिश करें अपने हाथों के द्वारा किसी चीज को न छुएं। किसी से बात करते समय दो गज की दूरी बहुत जरूरी है।
बीआईटी के सचिव डॉ. रजत अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 से लड़ने के लिए व्यक्ति को स्वयं में रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करनी चाहिए, इससे कोरोना के संक्रमण का खतरा कम हो सकता है। इसके लिए प्रतिदिन व्यायाम करना, टहलना, भाप लेना, ताजा भोजन, नींबू, आंवला व फलों का सेवन करना चाहिए। साथ ही साथ स्वच्छता का पूर्ण पालन करना चाहिए। संस्थान निदेशक प्रो. एचएन सिंह ने वक्ताओं का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में अधिकारी, निदेशक, विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान (एम्स) गोरखपुर की निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने कहा कि अगर बुखार, खांसी, गंध समझने का अभाव सहित कोरोना के अन्य लक्षण हैं तो, तत्काल अपने को आइसोलेट कर लें और सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर एवं स्थानीय प्रशासन को जानकारी दें। मधुमेह, उच्च रक्तचाप व हृदय संबंधित रोग से ग्रसित व्यक्ति को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। 10 वर्ष से कम व 60 वर्ष से अधिक के लोगों को बाहर नहीं निकलना चाहिए। साथ ही खानपान में विशेष सतर्कता बरतें।
डॉ सुरेखा मंगलवार को बीआईटी, गीडा द्वारा ‘कोविड-19 : जागरूकता एवं बचाव के उपाय’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय वेबिनार को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी का स्वरूप ले चुकी है। इस महामारी के कारण हजारों लोगों की असमय मृत्यु हो चुकी है। कोविड-19 से बचाव के लिए सर्वप्रथम हमें भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। अगर बाहर जाना आवश्यक है तो मास्क लगाकर ही जाएं। कोशिश करें अपने हाथों के द्वारा किसी चीज को न छुएं। किसी से बात करते समय दो गज की दूरी बहुत जरूरी है।
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बीआईटी के सचिव डॉ. रजत अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 से लड़ने के लिए व्यक्ति को स्वयं में रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करनी चाहिए, इससे कोरोना के संक्रमण का खतरा कम हो सकता है। इसके लिए प्रतिदिन व्यायाम करना, टहलना, भाप लेना, ताजा भोजन, नींबू, आंवला व फलों का सेवन करना चाहिए। साथ ही साथ स्वच्छता का पूर्ण पालन करना चाहिए। संस्थान निदेशक प्रो. एचएन सिंह ने वक्ताओं का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में अधिकारी, निदेशक, विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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