गोरखपुर जिला अस्पताल में नया नियम लागू, जानिए कैसे मिलेगा रैन बसेरा
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गोरखपुर में अब जिला अस्पताल के रैन बसेरा में कोरोना जांच कराने के बाद ही प्रवेश मिलेगा। पोरेंसिक लैब में कोरोना की एंटीजन जांच कराई जाएगी। सतर्कता के लिहाज से नया नियम लागू कर दिया गया है।
जिला अस्पताल परिसर स्थित रैन बसेरा भर्ती मरीजों के तीमारदार ही रहते हैं। अब नए नियम के मुताबिक किसी मरीज के तीमारदार को रैन बसेरा चाहिए तो उसे इमरजेंसी में जाकर मरीज का वार्ड और बेड नंबर बताना पड़ेगा। इसके अलावा अपना आधार कार्ड दिखाना होगा।
अगर आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है तो संबंधित व्यक्ति की फोटो लेकर रख ली जाएगी और फोरेंसिक लैब में कोरोना की एंटीजन जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे रैन बसेरा में प्रवेश दिया जाएगा। जो पॉजिटिव होंगे उन्हें कोविड-19 अस्पताल भेज दिया जाएगा।
बेहतर हुई रैन बसेरा की व्यवस्था
जिला अस्पताल के रैन बसेरा में अब व्यवस्था बेहतर हो गई है। अभी तक फर्श पर गद्दे व चादरें बिछाई गई थीं। ठंड को देखते हुए अब वहां बेड डाल दिए गए हैं। कुल पांच बेड रखे गए हैं। सभी पर गद्दा, चादर व कंबल रख दिया गया है। हाल के चारो तरफ बैठने के लिए सीमेंट बेंच बनाए गए हैं।
इमरजेंसी में लगे तीन हाइड्रोलिक बेड
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में अभी तक लकड़ी वाले बेड थे। अब तीन हाइड्रोलिक बेड लगा दिए गए हैं। इससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसी श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए एहतियात के तौर पर रैन बसेरा में प्रवेश से पूर्व कोरोना जांच कराने का निर्णय लिया गया है। फोरेंसिक लैब में 24 घंटे जांच हो रही है, इसलिए कभी भी रैन बसेरा की मांग करने वाले व्यक्ति की कोरोना जांच हो जाएगी।