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बीआरडी मेडिकल कॉलेज से भागी कोरोना संदिग्ध, इस हॉटस्पॉट इलाके की है महिला
Tue, 14 Apr 2020 11:27 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, मेडिकल कॉलेज (गोरखपुर)।
अमर उजाला ब्यूरो, मेडिकल कॉलेज (गोरखपुर)।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 14 Apr 2020 11:27 AM IST
सार
- जिला अस्पताल से जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया था
- महराजगंज के नौतनवां हॉट-स्पॉट इलाके की रहने वाली है महिला
- जांच के लिए नमूना लेकर महिला को आइसोलेशन वार्ड भेजा गया
- कमिश्नर ने पूरे मामले पर सीएमओ को जांच करने के निर्देश दिए
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Gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना वायरस की जांच का नाम सुनते ही महराजगंज के हॉट-स्पॉट से आई एक महिला बीआरडी मेडिकल कॉलेज से भाग निकली। इससे सनसनी फैल गई। बाद में पुलिस ने महिला को शहर के एक नर्सिंग होम में खोज निकाला और मेडिकल कालेज ले गई।
चिकित्सकों ने जांच के लिए नमूना लिया और महिला को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया। उधर कमिश्नर ने महिला को कोविड-19 की संदिग्ध बताने के मामले में सीएमओ को जांच करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार महाराजगंज के नौतनवां की रहने वाल एक 40 वर्षीय महिला को 12 अप्रैल की रात इलाज के लिए महिला गोरखपुर जिला अस्पताल लाई गई।
चिकित्सकों के मुताबिक महिला का रक्तस्राव हो रहा था। इलाज शुरू किया गया तो पता चला महिला नौतनवां के उस क्षेत्र से आई है, जो हॉट-स्पॉट के रूप में सील किया गया है। इससे चिकित्सक सशंकित हो गए। उन्होंने उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
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डिस्चार्ज का जो पर्चा बनाया, उस पर कोरोना की जांच के लिए भी लिखा गया। एंबुलेंस से महिला को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां महिला को सामान्य मरीज की तरह देखा गया। परिजनों ने पर्ची बनवाई और उसे स्त्री एवं प्रसूति विभाग में लेकर पहुंच गए। रक्तस्राव हो रहा था, लिहाज महिला की प्रेगनेंसी टेस्ट की गई।
इसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। इससे चिंतित चिकित्सकों ने पूछताछ शुरू की और मेडिसिन विभाग मेें जाकर इलाज कराने की सलाह दी। बाद में पता चला कि महिला मेडिसिन वार्ड में नहीं गई और परिजनों के साथ भाग गई।
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चिकित्सकों ने जांच के लिए नमूना लिया और महिला को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया। उधर कमिश्नर ने महिला को कोविड-19 की संदिग्ध बताने के मामले में सीएमओ को जांच करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार महाराजगंज के नौतनवां की रहने वाल एक 40 वर्षीय महिला को 12 अप्रैल की रात इलाज के लिए महिला गोरखपुर जिला अस्पताल लाई गई।
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चिकित्सकों के मुताबिक महिला का रक्तस्राव हो रहा था। इलाज शुरू किया गया तो पता चला महिला नौतनवां के उस क्षेत्र से आई है, जो हॉट-स्पॉट के रूप में सील किया गया है। इससे चिकित्सक सशंकित हो गए। उन्होंने उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
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डिस्चार्ज का जो पर्चा बनाया, उस पर कोरोना की जांच के लिए भी लिखा गया। एंबुलेंस से महिला को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां महिला को सामान्य मरीज की तरह देखा गया। परिजनों ने पर्ची बनवाई और उसे स्त्री एवं प्रसूति विभाग में लेकर पहुंच गए। रक्तस्राव हो रहा था, लिहाज महिला की प्रेगनेंसी टेस्ट की गई।
इसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। इससे चिंतित चिकित्सकों ने पूछताछ शुरू की और मेडिसिन विभाग मेें जाकर इलाज कराने की सलाह दी। बाद में पता चला कि महिला मेडिसिन वार्ड में नहीं गई और परिजनों के साथ भाग गई।
महिला की पर्ची पर हॉट-स्पॉट महराजगंज लिखा था
मेडिकल कालेज प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने खोजबीन शुरू की शाम को महिला शहर के एक नर्सिंग होम में मिली। उसे मेडिकल कालेज ले जाया गया, जहां कोरोना जांच का सैंपल लेने के बाद आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया।
महिला की पर्ची पर हॉट-स्पॉट नौतनवां महराजगंज लिखा था। हॉट-स्पॉट वही एरिया है, जहां पर तब्लीगी जमात के छह लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उस इलाके को सील किया गया है।
कमिश्नर जयंत नार्लीकर ने बताया- मेडिकल कॉलेज के मुताबिक महिला में कोरोना के लक्षण नहीं दिख रहे हैं। फिर भी एहतियातन जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने पर स्पष्ट हो सकेगा। कोविड-19 का प्रोटोकाल होता है, ऐसे में महिला जिला अस्पताल की तरफ से कैसे उसे कोरोना संदिग्ध बताया गया इसकी जांच के लिए सीएमओ को निर्देश दिया है।
महिला ने जिला अस्पताल का पर्चा छिपाया
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया- महिला ने जिला अस्पताल के पर्चे को छिपाकर इलाज कराया। जब उसे कोरोना वायरस की जांच के लिए नमूना देने को कहा गया, तो वह भाग गई थी। फिलहाल महिला को आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया गया है। साथ ही उसका नमूना जांच के लिए लिया गया है।
महिला की पर्ची पर हॉट-स्पॉट नौतनवां महराजगंज लिखा था। हॉट-स्पॉट वही एरिया है, जहां पर तब्लीगी जमात के छह लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उस इलाके को सील किया गया है।
कमिश्नर जयंत नार्लीकर ने बताया- मेडिकल कॉलेज के मुताबिक महिला में कोरोना के लक्षण नहीं दिख रहे हैं। फिर भी एहतियातन जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने पर स्पष्ट हो सकेगा। कोविड-19 का प्रोटोकाल होता है, ऐसे में महिला जिला अस्पताल की तरफ से कैसे उसे कोरोना संदिग्ध बताया गया इसकी जांच के लिए सीएमओ को निर्देश दिया है।
महिला ने जिला अस्पताल का पर्चा छिपाया
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया- महिला ने जिला अस्पताल के पर्चे को छिपाकर इलाज कराया। जब उसे कोरोना वायरस की जांच के लिए नमूना देने को कहा गया, तो वह भाग गई थी। फिलहाल महिला को आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया गया है। साथ ही उसका नमूना जांच के लिए लिया गया है।