छह दिनों तक गोरखपुर शहर में घूमता रहा कोरोना पॉजिटिव, कहीं बिगाड़ ना दे प्रशासन का खेल
- बीआरडी में सैंपल लेने के बाद उसे घर जाने दिया गया
- थोड़ी सी लापरवाही से कई परिवार हो गए परेशान
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गोरखपुर शहर के रसूलपुर का रहने वाला 30 साल का कोरोना पॉजिटिव युवक शहर में छह दिनों तक घूमता रहा। न किसी ने रोका-टोका और न ही प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग ने उसके बारे में पता करने की कोशिश की। जबकि, वह मुंबई से हॉटस्पॉट इलाके से आया था।
बीआरडी में सैंपल लेने के बाद भी उसको जाने दिया गया। विभाग को भी इसकी सूचना नहीं दी गई। गुरुवार की देर रात जब रिपोर्ट आई, तो आनन-फानन में पुलिस फोर्स युवक के घर पहुंची, तब जाकर लोगों को पता चला कि युवक कोरोना पॉजिटिव है।
जानकारी के अनुसार युवक मुंबई के लोखंडवाला के कांदीवाली वेस्ट में सब्जी बेचने का काम करता है। वह सात मई को ट्रक सहित अन्य साधनों से मुंबई से गोरखपुर के लिए निकला था। नौ मई की सुबह बस्ती पहुंचा और वहां पहुंचने के बाद उसी दिन ट्रक से गोरखपुर के नौसढ़ के जवाहर चक में अपनी बहन के यहां रुक गया।
पॉजिटिव रिपोर्ट के बाद जागा मेडिकल कॉलेज प्रशासन
इसकी जानकारी उसने न तो विभाग को दी और न ही उसका कहीं स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। 12 मई को थोड़ी तबीयत खराब हुई तो वह 13 मई को अपने बिलंदपुर खंता के रहने वाले चचेरे भाई के साथ बीआरडी मेडिकल कॉलेज के फ्लू कॉर्नर ओपीडी में जांच के लिए चला गया। जहां उसे दवा देकर घर भेज दिया गया।
इसके बाद 14 मई को फिर उसकी तबीयत बिगड़ी तो वह रसूलपुर के रहने वाले अपने चाचा और चचेरे भाई के साथ फिर से मेडिकल कॉलेज में जांच कराने गया। जहां उसका नमूना लेकर उसे घर भेज दिया गया। इस दौरान वह छह दिनों तक शहर में घूमता रहा।
नमूना लेने के बाद इसकी जानकारी बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने किसी को नहीं दी। तबीयत खराब होने के बाद भी उसे क्वारंटीन नहीं कराया गया, बल्कि उसे होम क्वारंटीन की सलाह दे दी गई।
डॉक्टरों की सलाह के बाद वह अपने चाचा और चचेरे भाई के साथ अपने घर रसूलपुर आ गया। गुरुवार देर रात जब रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन नींद से जागा और इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी।
देर रात ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके घर पहुंची और उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। साथ ही बहन और चाचा के परिवार को भी क्वारंटीन कर दिया गया।