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सरकारी कर्मचारियों की आड़ में सड़कों पर निकल रहे हैं लोग, पुलिस ने ऐसे सिखाया सबक
Thu, 23 Apr 2020 11:34 AM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 23 Apr 2020 11:34 AM IST
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Gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला।
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लॉक डाउन के दौरान सरकारी कर्मचारियों की आड़ में सड़कों पर निकल चुनौती बन रहे लोगों के खिलाफ बुधवार को सख्ती तेज हो गई। सुबह दफ्तर खुलने के पहले जगह-जगह पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया और हर आने-जाने वाले कि जांच शुरू की।
सभी की आईडी और पास चेक किए गए। इस दौरान कई लोग बिना वजह घूमते मिले जिनपर सख्ती हुई। देवरिया बायपास, रुस्तमपुर, पादरी बाजार, गोलघर कई जगहों पर ऐसे लोगों को सड़क पर बैठाकर उन्हें उनकी गलती का एहसास कराया गया। कई अन्य जगहों पर भी पुलिस ने चेतावनी देकर बेवजह घूम रहे लोगों को घर वापस किया।
दो दिनों से सड़क पर भीड़ बढ़ती देख डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने सरकारी कर्मचारियों के घर से दफ्तर और दफ्तर से घर पहुंचने का समय नियत कर दिया। राज्य कर्मियों को सुबह 8.30 से 9.30 तो केंद्रीय कर्मियों को सुबह 9 से 10 बजे घर से दफ्तर पहुँच जाने की हिदायत दी गई है।
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इसी तरह शाम को 5.30 से 6.30 के बीच उन्हें घर पहुँच जाने को कहा गया है। कर्मचारियों को भी चेताया गया है कि इसके बाद अगर कोई सड़क पर मिला तो उसपर भी कार्रवाई होगी। इसका असर भी दिखाई पड़ा। वहीं जिन सड़कों पर पिछले दो दिन दोपहर में तमाम गाड़ियां दौड़ रहीं थी वहां भी सन्नाटा था।
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सभी की आईडी और पास चेक किए गए। इस दौरान कई लोग बिना वजह घूमते मिले जिनपर सख्ती हुई। देवरिया बायपास, रुस्तमपुर, पादरी बाजार, गोलघर कई जगहों पर ऐसे लोगों को सड़क पर बैठाकर उन्हें उनकी गलती का एहसास कराया गया। कई अन्य जगहों पर भी पुलिस ने चेतावनी देकर बेवजह घूम रहे लोगों को घर वापस किया।
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दो दिनों से सड़क पर भीड़ बढ़ती देख डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने सरकारी कर्मचारियों के घर से दफ्तर और दफ्तर से घर पहुंचने का समय नियत कर दिया। राज्य कर्मियों को सुबह 8.30 से 9.30 तो केंद्रीय कर्मियों को सुबह 9 से 10 बजे घर से दफ्तर पहुँच जाने की हिदायत दी गई है।
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इसी तरह शाम को 5.30 से 6.30 के बीच उन्हें घर पहुँच जाने को कहा गया है। कर्मचारियों को भी चेताया गया है कि इसके बाद अगर कोई सड़क पर मिला तो उसपर भी कार्रवाई होगी। इसका असर भी दिखाई पड़ा। वहीं जिन सड़कों पर पिछले दो दिन दोपहर में तमाम गाड़ियां दौड़ रहीं थी वहां भी सन्नाटा था।
वहीं अभी भी कई दफ्तरों में कोई विशेष काम नहीं होने की वजह से कर्मचारी बतकही करते रहे तो कुछ में संजीदगी के साथ काम होता भी दिखा। कर्मचारी पुराने पड़े पेंडिंग काम निपटाने में जुटे रहे। विकास भवन स्थित अपने दफ्तर में सीडीओ ने दोपहर तक विकास कार्यों का फीडबैक लेने के साथ ही बंद पड़े काम शुरू कराने को लेकर रणनीति बनाती रहीं।
दोपहर बाद उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर लोगों को जागरूक किया। खाद कारखाने में 20 अप्रैल से ही निर्माण कार्य शुरू हो गया है तो वहीं बुधवार से असुरन- मेडिकल कालेज, कालेसर-जंगल कौड़िया समेत कुछ अन्य सड़कों का भी निर्माण कार्य शुरू हो गया। चिड़िया घर में भी काम चल रहा है लेकिन मजदूर कम हैं।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि तीन मई तक आम जन के लिए कोई छूट नहीं है। सभी के लिए लॉकडाउन का पूरी तरह पालन करना जरूरी है। सिर्फ सरकारी कर्मचारियों को ही दफ्तर तक जाने और फिर समय पर घर लौट आने की अनुमति है। तय समय के बाद वे भी सड़क पर दिखे तो उनपर भी सख्ती होगी।
दोपहर बाद उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर लोगों को जागरूक किया। खाद कारखाने में 20 अप्रैल से ही निर्माण कार्य शुरू हो गया है तो वहीं बुधवार से असुरन- मेडिकल कालेज, कालेसर-जंगल कौड़िया समेत कुछ अन्य सड़कों का भी निर्माण कार्य शुरू हो गया। चिड़िया घर में भी काम चल रहा है लेकिन मजदूर कम हैं।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि तीन मई तक आम जन के लिए कोई छूट नहीं है। सभी के लिए लॉकडाउन का पूरी तरह पालन करना जरूरी है। सिर्फ सरकारी कर्मचारियों को ही दफ्तर तक जाने और फिर समय पर घर लौट आने की अनुमति है। तय समय के बाद वे भी सड़क पर दिखे तो उनपर भी सख्ती होगी।