केंद्र और प्रदेश की गाइडलाइन में फंसे कोरोना के मरीज, इस वजह से हो रही परेशानी
- केंद्र ने जारी किया है मरीज के दस दिन तक आइसोलेशन में रहने का निर्देश, प्रदेश के अनुसार 14 दिन रहना होगा
- गाइडलाइन के फेर में नहीं डिस्चार्ज हो सके बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती दो मरीज
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कोरोना मरीजों के संदर्भ में जारी केंद्र की गाइडलाइन के मुताबिक मरीज में कोरोना की पुष्टि होने के नौवें और 10वें दिन कोरोना की जांच अगर निगेटिव आती है तो उसे अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है। वहीं प्रदेश की पुरानी गाइडलाइन के अनुसार मरीज अगर 13वें और 14वें दिन जांच में निगेटिव मिलता है तो ही उसे छुट्टी दी जा सकती है।
रिपोर्ट निगेटिव, फिर भी डिस्चार्ज नहीं हुए दो मरीज
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती दो कोरोना संक्रमितों की 14 दिन पहले ही 24 घंटे के अंतराल पर दो जांच कराई गई, दोनों रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है।
सोमवार को डिस्चार्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी लेकिन 14 दिन पूरा न होने के कारण प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने रोक लगा दी। इनमें भैंसा रानी बांसगांव की महिला व बिछिया निवासी एक व्यक्ति शामिल है। पहले इन दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव थी।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार संक्रमित मरीज को 14 दिन आइसोलेशन वार्ड में रखना जरूरी है। इसलिए रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी दो मरीजों को सोमवार को डिस्चार्ज नहीं किया गया। दो से चार दिनों में मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। दो और मरीज ठीक हो गए हैं।
बीआरडी के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने कहा कि प्रदेश की गाइडलाइन को देखते हुए मरीजों को अब तक डिस्चार्ज नहीं किया गया है। गाइडलाइन के मुताबिक 14 दिन तक मरीजों को आइसोलेट रहना होगा। करीब तीन से चार मरीजों का समय पूरा हो गया है और उनकी रिपोर्ट भी निगेटिव आ चुकी है।