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कोरोना इफेक्ट : संक्रमित के ठीक होने के बाद भी फेफड़ों पर खतरा ज्यादा

Thu, 03 Sep 2020 01:12 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2020 01:12 AM IST
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corona is a threat to the lungs
कोरोना इफेक्ट : संक्रमित के ठीक होने के बाद भी फेफड़ों पर खतरा ज्यादा
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गोरखपुर। कोरोना वायरस से उबरने के बाद भी 80 प्रतिशत लोगों के फेफड़ों पर खतरा बढ़ जा रहा है। उन लोगों को ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है जिनमें संक्रमण का स्तर उच्च था। डॉक्टरों के मुताबिक ऐसे लोगों को रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद 15 दिनों के अंदर एक बार चेस्ट का सिटी स्कैन और डिजिटल एक्स-रे कराकर चेस्ट के विशेषज्ञों से सलाह जरूर लेनी चाहिए। क्योंकि उन्हें पल्मोनरी फाइब्रोसिस (फेफड़ों का सिकुड़ना) का खतरा हो सकता है। समय रहते अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो ऑक्सीजन की कमी होने लगेगी, जो खतरनाक साबित हो सकती है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभागध्यक्ष डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से फेफड़े कमजोर हो रहे हैं। ऐसे में कोरोना से संक्रमित होकर ठीक होने वालों को बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। ठीक होने के बाद कम से कम 15 दिन में एक बार चेस्ट का सिटी स्कैन जरूर करा लें। सिटी स्कैन से चेस्ट की पूरी जानकारी मिल जाएगी। यह पता चल जाएगा कि फेफड़े में सिकुड़न कितने प्रतिशत है। अगर संक्रमितों को ठीक होने के बाद भी सांस लेने में परेशानी, ऑक्सीजन की कमी, थकान, सीने में दर्द हो है, तो ऐसे लोग तत्काल एक बार चेस्ट का सिटी स्कैन कराकर चेस्ट के डॉक्टरों से सलाह जरूर लें। फेफड़ों के सिकुड़ने की समस्या होने पर अक्सर फेफड़े काले नजर आने लगते हैं, लेकिन कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद मरीज के फेफड़े सफेद हो जाते हैं।
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60 प्रतिशत मरीजों की मौत फेफड़े फेल होने से
डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि अब तक जितने भी कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है, उनमें से करीब 60 प्रतिशत मामले फेफड़े फेल के रहे। कोरोना वायरस की वजह से रक्त के थक्के जम जा रहें हैं। इसकी वजह से फेफड़ों को सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। ऐसी स्थिति में मरीज की मौत हो जा रही है। इसलिए जरूरी है कि ठीक होने के बाद भी लोग इसे लेकर सतर्क रहें।
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