कोरोना: बाहर से आने वाले संक्रमित नहीं दे रहे सही जानकारी, जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए हो रही परेशानी
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की टीम को जांंचों के लिए हो रही है परेशानी।
विस्तार
जानकारी के मुताबिक, जिले में कोरोना मरीजों की संख्या कम हो गई है। पिछले 20 दिनों से संक्रमितों का आंकड़ा इकाई में आकर सिमट गया है, लेकिन गैर राज्यों से आने वाले लोग कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। ये लोग ट्रैवेल हिस्ट्री और परिवार की जानकारियां, पहले से कोई बीमारी है या नहीं आदि की सही जानकारी नहीं दे रहे हैं।
माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए मरीज की पूरी जानकारी जरूरी होती है। पुरानी बीमारी से लेकर परिवार के सदस्य तक की जानकारी देनी होती है। मरीज की ट्रैवेल हिस्ट्री, उसके संपर्क में आने वाले लोगों के नाम, वह किस रास्ते से आया आदि की भी जानकारी देनी होती है।
अधिकतर मरीज इन जानकारियों को साझा नहीं कर रहे हैं। जबकि, शासन से निर्देश है कि मुंबई, केरल, त्रिपुरा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से आने वाले लोग यदि पॉजिटिव मिलते हैं, तो उनकी जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच कराई जाए।