पेट्रोल डीजल के बढ़े दामों को लेकर कांग्रेसियों ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, कहा- बढ़े मूल्यों को वापस नहीं लिया तो होगा उग्र प्रदर्शन
- पेट्रोल डीजल के मूल्यों को बढ़ाकर भाजपा सरकार जनता पर डाल रही अतिरिक्त बोझ: निर्मला
- बढ़े मूल्यों को वापस नहीं लिया गया तो होगा उग्र प्रदर्शन: निर्मला
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पेट्रोल डीजल के मूल्यों में बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेसियों ने जिला अध्यक्ष निर्मला पासवान के नेतृत्व में पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन राष्ट्रपति को सदर तहसीलदार के माध्यम से भेजा गया। इस मौके पर जिला अध्यक्ष ने कहा कि डीजल पेट्रोल के दाम बढ़ने से किसानों पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा और महंगाई भी बढ़ेगी।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर भी इसका असर पड़ेगा। ऑटो और गाड़ियों की बिक्री पर भी इसका असर पड़ेगा। सरकार ने बिना सोचे समझे इस तरह से लगातार पेट्रोल डीजल के दामों में जो बढ़ोतरी की है उससे आए दिन महंगाई का बोझ जनता के ऊपर गिरेगा। दैनिक वस्तु की आवश्यक चीजों के दाम भी बढ़ेंगे। केंद्र की भाजपा सरकार पूंजीपतियों की सरकार है। गरीब मध्यमवर्गीय किसान के हित के लिए इस सरकार का कोई भी कार्य धरातल पर नहीं है।
वहीं ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति को अवगत कराया कि मई 2014 में जब भाजपा ने सत्ता संभाली थी पेट्रोल का उत्पाद शुल्क 9.20 रुपये प्रति लीटर था और डीजल 3.46 रुपये प्रति लीटर था, लेकिन पिछले 6 सालों में केंद्र की भाजपा सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 23.78 रुपये प्रति लीटर एवं डीजल पर 28.37 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त बढ़ोतरी कर दी है।
जबकि पिछले कुछ महीनों में कच्चे तेल के भाव कम हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा यदि पेट्रोल-डीजल के बढ़े हुए दाम सरकार वापस नहीं लेती है और इस वैश्विक महामारी कोरोना पर लॉकडाउन में जनता को राहत नहीं देती है तो हम उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की और शासन प्रशासन की होगी।
ज्ञापन देने के दौरान जितेंद्र पांडे, साहिल विक्रम तिवारी,फारूक अशरफ,डॉ राजेश यादव,राजीव पांडेय, घटोत्कच शुक्ला,जावेद अंसारी,दीपक कुमार, नूरानी, जाहिद, आरिफ, फिरोज अहमद, अनुराग राय, अब्दुल हुसैन, अनु सिंह आदि लोग रहे।