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Gorakhpur News: कंडम को बेहतरीन बोगियों में किया तब्दील, 110 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ेगी
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पूर्वाेत्तर रेलवे ने तैयार की 100 एनएमजी बोगियां, ऑटो मोबाइल परिवहन को ध्यान में रखकर हुई तैयार
गोरखपुर वर्कशॉप ने 60 और इज्जतनगर ने बनाई 60 एनएमजी बोगियां
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे ने पिछले चार वर्षों के दौरान कंडम हो चुकी 75 पारंपरिक बोगियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस न्यू मॉडीफाइड गुड्स (एनएमजी) बोगियों में तब्दील कर दिया है। गोरखपुर और इज्जतनगर वर्कशॉप में तैयार की गईं इन बोगियां को पटरी पर 100 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ाई जा सकती हैं। इन बोगियों को मुख्य रूप से दोपहिया और चारपहिया वाहन की ढुलाई (ऑटो मोबाइल कैरियर) को ध्यान में रखकर तैयार गया है। इस सफलता पर महाप्रबंधक ने दोनों वर्कशॉप के कर्मचारियों को बधाई दी है।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों और व्यापारियों की ऑटोमोबाइल परिवहन की आवश्यकता को ध्यान में रखकर यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर एवं इज्जतनगर ने एनएमजी बोगिया का निर्माण किया है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन की ओर से 100 नॉन एसी आईसीएफ यानों को एनएमजी बोगियों में परिवर्तन करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे गोरखपुर एवं इज्जतनगर मंडल ने इस लक्ष्य को इसी साल हासिल कर लिया है। यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर ने 60 और इज्जतनगर ने 40 पुरानी बोगियों को हाईस्पीड एनएमजी कोच में बदला है। ये बोगियां अधिकतम गति 110 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी।
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100 दो पहिया या छह से आठ चार पहिया वाहन हो सकेंगे लोड
एक एनएमजी कोच में 10 टन माल या छह से आठ चार पहिया या करीब 100 दो पहिया वाहन ट्रांसपोर्ट किए जा सकते हैं। पूरे रेक में सैंकड़ों दोपहिया-चार पहिया वाहनों का ट्रांसपोर्ट किया जाएगा। एक रेक में 24 कोच लगाए जाते हैं। चारों तरफ से कवर होने के कारण इनमें लदान सुरक्षित है।
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गोरखपुर वर्कशॉप ने 60 और इज्जतनगर ने बनाई 60 एनएमजी बोगियां
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे ने पिछले चार वर्षों के दौरान कंडम हो चुकी 75 पारंपरिक बोगियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस न्यू मॉडीफाइड गुड्स (एनएमजी) बोगियों में तब्दील कर दिया है। गोरखपुर और इज्जतनगर वर्कशॉप में तैयार की गईं इन बोगियां को पटरी पर 100 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ाई जा सकती हैं। इन बोगियों को मुख्य रूप से दोपहिया और चारपहिया वाहन की ढुलाई (ऑटो मोबाइल कैरियर) को ध्यान में रखकर तैयार गया है। इस सफलता पर महाप्रबंधक ने दोनों वर्कशॉप के कर्मचारियों को बधाई दी है।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों और व्यापारियों की ऑटोमोबाइल परिवहन की आवश्यकता को ध्यान में रखकर यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर एवं इज्जतनगर ने एनएमजी बोगिया का निर्माण किया है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन की ओर से 100 नॉन एसी आईसीएफ यानों को एनएमजी बोगियों में परिवर्तन करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे गोरखपुर एवं इज्जतनगर मंडल ने इस लक्ष्य को इसी साल हासिल कर लिया है। यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर ने 60 और इज्जतनगर ने 40 पुरानी बोगियों को हाईस्पीड एनएमजी कोच में बदला है। ये बोगियां अधिकतम गति 110 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी।
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100 दो पहिया या छह से आठ चार पहिया वाहन हो सकेंगे लोड
एक एनएमजी कोच में 10 टन माल या छह से आठ चार पहिया या करीब 100 दो पहिया वाहन ट्रांसपोर्ट किए जा सकते हैं। पूरे रेक में सैंकड़ों दोपहिया-चार पहिया वाहनों का ट्रांसपोर्ट किया जाएगा। एक रेक में 24 कोच लगाए जाते हैं। चारों तरफ से कवर होने के कारण इनमें लदान सुरक्षित है।
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