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गोरखपुर जलभराव: इन विभागों के अफसरों पर बरसे कमिश्नर, कहा- दो दिन में कॉलोनियों से पानी नहीं निकला तो होगी कार्रवाई
Thu, 22 Jul 2021 01:59 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 22 Jul 2021 01:59 PM IST
सार
शहर के कई मोहल्लो में अभी भी घुटने भर पानी लगे रहने पर भड़के कमिश्नर। लोनिवि, निगम और जल निगम के अभियंताओ को जल निकासी का ठोस प्लान तैयार करने का दिया निर्देश।
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गोरखपुर में जलभराव पर भड़के कमिश्नर रवि कुमार एनजी।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर शहर के कई मुहल्लों एवं कॉलोनियों में जलभराव के मुद्दे पर कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि दो दिनों में अगर पानी नहीं निकाला गया तो संबधित पर कार्रवाई होगी। बारिश थमने के दो दिन बाद भी कई कॉलोनियों में अब भी जलभराव है। इस स्थिति पर कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और जल निगम के अफसरों की जमकर क्लास ली।
बृहस्पतिवार को उन्होंने कमिश्नर सभागार में जल निकासी के कामों की समीक्षा की। कहा कि कॉलोनियों से अगर जलभराव दूर नहीं हुआ तो अफसरों के खिलाफ शासन को लिखा जाएगा। निर्देश दिया कि जलनिकासी की ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। कहीं नाला तोड़कर दूसरे नाले के निर्माण की जरूरत पड़े तो उसे भी किया जाए।
कमिश्नर ने कहा कि कुछ भी करें, लेकिन जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकलना चाहिए। उन्होंने तीनों विभागों के अभियंताओं को निर्देश दिया कि जहां-जहां जलभराव है वहां मौके का निरीक्षण करें। वहीं मौजूद रहकर पानी निकासी की व्यवस्था बनाएं। बैठक के दौरान मेडिकल रोड के दोनों तरफ की दर्जन भर से अधिक कॉलोनियों में जलभराव की समस्या पर चर्चा हुई। सही स्थिति जानने के लिए कमिश्नर ने बैठक में उस क्षेत्र के तीन पार्षदों बृजेश सिंह छोटू, राजेश तिवारी और आलोक सिंह विशेन को भी बुलाया था।
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बृहस्पतिवार को उन्होंने कमिश्नर सभागार में जल निकासी के कामों की समीक्षा की। कहा कि कॉलोनियों से अगर जलभराव दूर नहीं हुआ तो अफसरों के खिलाफ शासन को लिखा जाएगा। निर्देश दिया कि जलनिकासी की ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। कहीं नाला तोड़कर दूसरे नाले के निर्माण की जरूरत पड़े तो उसे भी किया जाए।
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कमिश्नर ने कहा कि कुछ भी करें, लेकिन जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकलना चाहिए। उन्होंने तीनों विभागों के अभियंताओं को निर्देश दिया कि जहां-जहां जलभराव है वहां मौके का निरीक्षण करें। वहीं मौजूद रहकर पानी निकासी की व्यवस्था बनाएं। बैठक के दौरान मेडिकल रोड के दोनों तरफ की दर्जन भर से अधिक कॉलोनियों में जलभराव की समस्या पर चर्चा हुई। सही स्थिति जानने के लिए कमिश्नर ने बैठक में उस क्षेत्र के तीन पार्षदों बृजेश सिंह छोटू, राजेश तिवारी और आलोक सिंह विशेन को भी बुलाया था।
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हर साल जलभराव फिर भी सबक नही लेते जिम्मेदार
पार्षदों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज फोर लेन के किनारे पहले नाले की चौड़ाई ढाई मीटर थी। कॉलोनियों का पानी तेजी से निकल जाता था। मगर अब नए नाले की चौड़ाई सिर्फ एक मीटर रखी गई है। कॉलोनियों के नाले से इस मुख्य सड़क के नाले की ऊंचाई अधिक होने की वजह से भी पानी नहीं निकल पा रहा। सामान्य दिनों में भी बिना बारिश के कई कॉलोनियों की सड़कों पर नाली का गंदा बदबूदार पानी फैला रहता है।
कमिश्नर ने लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और जल निगम के अफसरों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हर साल जलभराव होता है। फौरी इंतजाम किए जाते हैं और बारिश का मौसम खत्म होते ही तीनों विभागों के जिम्मेदार सब कुछ भूल जाते हैं। यदि बारिश का मौसम शुरू होने के पहले ही सक्रिय होकर जलनिकासी के ठोस इंतजाम किए जाते तो आज हजारों की संख्या में लोगों को जलभराव से तमाम तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
नगर निगम, जल निगम और लोक निर्माण विभाग के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि वाटर पंपों की संख्या बढ़ाने के साथ ही जलनिकासी के लिए जो भी जरूरी हो उसका प्रबंध किया जाय। दो दिनों में सभी इलाकों से पानी नहीं निकला तो संबंधित विभाग के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। जलभराव से निजात के लिए ठोस प्लानिंग करने के भी निर्देश दिए गए हैं।- रवि कुमार एनजी, कमिश्नर
कमिश्नर ने लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और जल निगम के अफसरों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हर साल जलभराव होता है। फौरी इंतजाम किए जाते हैं और बारिश का मौसम खत्म होते ही तीनों विभागों के जिम्मेदार सब कुछ भूल जाते हैं। यदि बारिश का मौसम शुरू होने के पहले ही सक्रिय होकर जलनिकासी के ठोस इंतजाम किए जाते तो आज हजारों की संख्या में लोगों को जलभराव से तमाम तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
नगर निगम, जल निगम और लोक निर्माण विभाग के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि वाटर पंपों की संख्या बढ़ाने के साथ ही जलनिकासी के लिए जो भी जरूरी हो उसका प्रबंध किया जाय। दो दिनों में सभी इलाकों से पानी नहीं निकला तो संबंधित विभाग के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। जलभराव से निजात के लिए ठोस प्लानिंग करने के भी निर्देश दिए गए हैं।- रवि कुमार एनजी, कमिश्नर