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वाणिज्य कर ने पूर्वोत्तर रेलवे से वसूला 1.01 करोड़ टैक्स, 2012-13 से चल रहा था बकाया
Mon, 05 Apr 2021 06:25 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 05 Apr 2021 06:25 PM IST
सार
- धनराशि राज्य सरकार के कोषागार में जमा कराई
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gorakhpur railway station
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाणिज्य कर विभाग ने पूर्वोत्तर रेलवे से एक करोड़ रुपये से भी ज्यादा की रकम टैक्स के रूप में वसूल किया। वर्ष 2012-13 से ही बकाया चल रहे इस टैक्स की राशि को कोषागार में जमा करा दिया गया है।
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पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय गोरखपुर में स्थित है। रेल गाड़ियों के मेंटेनेंस के लिए पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा देश के अन्य प्रदेशों से लोहे के कलपुर्जे, उपकरणों आदि का आयात किया जाता है। उत्तर प्रदेश कर अधिनियम 2007 के द्वारा स्थानीय क्षेत्र में माल के प्रवेश करने पर लोहा आदि सामग्री पर प्रवेश कर लगाए जाने का प्रावधान है।
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इसी नियम के अनुसार पूर्वोत्तर रेलवे पर टैक्स निर्धारित करने के साथ वसूली की गई है। प्रवेश कर क्रमश: 92,92,250 रुपये एवं 16,23,293 रुपये निर्धारित किया गया, लेकिन पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से सिर्फ 7,30,776 रुपये टैक्स के रूप में जमा किया गया था।
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इसके लिए कई बार पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य सामग्री प्रबंधक रामकृष्ण यादव एव उप मुख्य सामग्री प्रबंधक लेफ्टिनेंट रितुराज सिंह से वाणिज्य कर विभाग के उप आयुक्त के बीच पत्राचार हुआ। कोविड काल में वाणिज्य कर विभाग की विशेष वसूली अभियान के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से कुल 1,01,84,767 (एक करोड़, एक लाख, चौरासी हजार सात सौ सड़सठ) रुपये जमा कर दिया गया।
उप आयुक्त (कर वसूली) वाणिज्य कर डॉ. श्यामधर तिवारी ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य कोषाधिकारी सुशील कुमार मिश्र के द्वारा करीब 1.01 करोड़ रुपये का बकाया प्रवेश कर का चेक वाणिज्य कर विभाग को दे दिया गया है। जिसे उत्तरप्रदेश राज्य के कोषागार में जमा करा दिया गया है। यह कोविड-19 के काल में एक करोड़ रुपये से अधिक के प्रवेश कर की वसूली प्रदेश में सर्वाधिक और ऐतिहासिक है।