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चिंता: ठंड और वायु प्रदूषण ने बढ़ा दिए दमा के मरीज, एक दिन की संख्या जानकर हो जाएंगे हैरान
Fri, 19 Nov 2021 08:38 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 19 Nov 2021 08:38 PM IST
सार
चार से पांच की जगह प्रतिदिन मिल रहे 10 से 12 मरीज, दो से तीन मरीज प्रतिदिन हो रहे दमा का शिकार।
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BRD medical college
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर जिले में ठंड और वायु प्रदूषण के बीच दमा के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में औसतन जहां चार से पांच मरीज मिलते थे। वही अब यह संख्या 10 से 12 के बीच हो गई है। इसके अलावा ऐसे मरीज भी मिल रहे हैं, जो हल्की खांसी के बाद दमा के शिकार हो जा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में सांस के मरीज बाहर निकलने से बचे। क्योंकि शहर की आबोहवा ज्यादा खतरनाक है।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ अश्वनी मिश्रा ने बताया कि बदल रहे मौसम की वजह से दमा मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जहां औसतन पहले चार से पांच मरीज ओपीडी में इलाज के लिए आते थे। वही अब यह संख्या 10 से 12 के बीच हो गई है। इतना ही नहीं कुछ ऐसे मरीज भी मिल रहे हैं, जो हल्की खांसी के बाद दमा का शिकार हो जा रहे हैं।
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ऐसे दो से तीन मरीज प्रतिदिन ओपीडी में आ रहे हैं। बताया कि वायु प्रदूषण से सीओपीडी का खतरा भी सबसे अधिक है। इसे क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज भी कहते हैं। सर्दियों में ऐसे मामले बढ़ते हैं और इसका सीधा असर मरीजों के फेफड़ों पर होता है। यह रोग धीरे-धीरे बढ़ता है।
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इसकी वजह से मरीजों को सांस लेना मुश्किल हो जाता है। इसलिए मरीजों को सलाह दी जाती है कि वह इस मौसम में इनहेलन लेना न छोड़ें। अगर ऐसा करते हैं तो उनके लिए यह मौसम जानलेवा साबित हो सकता है।
यह लक्षण दिखें तो हो जाए अलर्ट
डॉ अश्वनी मिश्रा ने बताया कि अगर सांस लेने में आवाज आना, छाती में जकड़न, शारीरिक श्रम करते समय सांस लेने में तकलीफ, गले में दिक्कत महसूस होने, लम्बे समय तक खांसी आता है तो यह लक्षण सीओपीडी के लक्षण हैं। यही मिलते जुलते लक्षण दमा के भी हैं। ऐसे में इस मौसम में सावधानी बरतें।