{"_id":"60c222168ebc3e958715f12c","slug":"coal-india-approves-export-of-coal-from-india-to-nepal","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुशखबर: कोल इंडिया ने कोयले के निर्यात को दी मंजूरी, स्पॉट और स्पेशल ई ऑब्सन के तहत कर सकेंगे एक्सपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुशखबर: कोल इंडिया ने कोयले के निर्यात को दी मंजूरी, स्पॉट और स्पेशल ई ऑब्सन के तहत कर सकेंगे एक्सपोर्ट
Thu, 10 Jun 2021 08:00 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 10 Jun 2021 08:00 PM IST
सार
कोल इंडिया ने अपने पुराने नियमों में किया संशोधन, कोयला खरीद कर एक्सपोर्ट करने का लिया निर्णय।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत से नेपाल सहित अन्य देशों के निर्यात के लिए कोल इंडिया ने अपने पुराने नियमों में संशोधन करते हुए अब स्पाट ई ऑब्सन और स्पेशल स्पॉट ई ऑब्शन के तहत कोयला खरीद कर निर्यात करने की मंजूरी दी है।
विज्ञापन
कंपनी की तरफ से 8 जून को जारी पत्र सभी मंत्रालयों को भेजा गया है। जिसमें यह कहा गया है कि पहले कोयला देश के अंदर प्रयोग करने का नियम था। ई ऑब्शन के कोयला को एक्सपोर्ट करने की अनुमति नहीं थी। कोल इंडिया ने अपने पुराने नियमों में संशोधन करते हुए कोयला खरीद कर एक्सपोर्ट करने का निर्णय लिया है। भारत सरकार के नियम और जारी गाइडलाइन के अनुसार कोयला की खरीदारी करने वाले निविदाकर्ता, ट्रेडर्स और निर्यात करने वाले अपनी जिम्मेदारी पर कोयला एक्सपोर्ट कर सकते हैं।
विज्ञापन
वाराणसी के एक्सपोर्टर रमेश सिंधी ने बताया कि कोल इंडिया के इस फैसले का सभी व्यापारी स्वागत करते हैं। व्यापार के दौरान अचानक बंद हुए निर्यात से बहुत पैसा फंस गया था। नेपाल बुटवल के व्यापारी विवेक गुप्ता ने बताया कि भारत सरकार का यह निर्णय स्वागत योग्य है। भारत ने हमेशा बड़े भाई की भूमिका निभाई है। इस अड़चन के कारण सरहद पर कोयला आयात करने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब कोल इंडिया के निर्यात में संशोधन के बाद आयात और आसान हो गया है।
विज्ञापन
कस्टम सुपरिटेंडेंट सोनौली मेवालाल ने बताया कि कोल इंडिया का पत्र प्राप्त हुआ है। लेकिन अभी कस्टम के उच्चाधिकारियों को निर्यात के लिए निर्देश नहीं मिला है।
भारत के कोयले की नेपाल में ज्यादा है मांग
भारत के कोयले की नेपाल में बहुत ज्यादा मांग है। वहां के ईंट उद्योगों और सीमेंट फैक्टरियों में इसका बहुत उपयोग था। सोनौली सीमा से ही प्रतिदिन करीब 100 मालवाहक कोयले के वाहन नेपाल जाते थे। भारत से रोक के बाद नेपाल के कारोबारियों ने इंडोनेशिया और यूएस का रुख किया और हल्दिया बंदरगाह के रास्ते नेपाल कोयला आयात करने लगा।