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Gorakhpur News: मरीजों के भोजन पर संकट, वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी
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- मरीजों के लिए कोयला-लकड़ी की भट्ठी कर रहे तैयार, ताकि भोजन आपूर्ति न रुके
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेस में प्रतिदिन दोनों समय लगभग 550 से 600 मरीजों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। दोपहर के भोजन में चार रोटी, दाल, चावल और सब्जी दी जाती है, जबकि सुबह करीब 150 लोगों के लिए नाश्ते में एक गिलास दूध, दो अंडे, दलिया और पोहा उपलब्ध कराया जाता है। मेस कर्मचारियों के अनुसार, फिलहाल अभी गैस की उपलब्धता बनी हुई है लेकिन आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जा रही है।
कर्मचारियों ने बताया कि यदि गैस सिलिंडर की आपूर्ति बाधित होती है तो कोयले की भट्ठी और लकड़ी के चूल्हे का सहारा लिया जाएगा। जो तैयार भी किया जा रहा है। मरीजों के लिए भोजन में कोई रुकावट नहीं आनी पाएगी।
इसी तरह जिला अस्पताल में भी प्रतिदिन लगभग 100 लोगों का भोजन तैयार किया जाता है, जिसमें दाल, रोटी और सब्जी शामिल रहती है। यहां फिलहाल गैस सिलिंडर की व्यवस्था है, लेकिन हर दूसरे दिन सिलिंडर की आवश्यकता पड़ रही है। वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार चल रहा है।
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बीआरडी के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि मरीजों के भोजन की व्यवस्था किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होने दी जाएगी और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक इंतजाम रखे गए हैं। वहीं जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरपी गौतम ने कहा कि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया गया है।
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेस में प्रतिदिन दोनों समय लगभग 550 से 600 मरीजों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। दोपहर के भोजन में चार रोटी, दाल, चावल और सब्जी दी जाती है, जबकि सुबह करीब 150 लोगों के लिए नाश्ते में एक गिलास दूध, दो अंडे, दलिया और पोहा उपलब्ध कराया जाता है। मेस कर्मचारियों के अनुसार, फिलहाल अभी गैस की उपलब्धता बनी हुई है लेकिन आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जा रही है।
कर्मचारियों ने बताया कि यदि गैस सिलिंडर की आपूर्ति बाधित होती है तो कोयले की भट्ठी और लकड़ी के चूल्हे का सहारा लिया जाएगा। जो तैयार भी किया जा रहा है। मरीजों के लिए भोजन में कोई रुकावट नहीं आनी पाएगी।
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इसी तरह जिला अस्पताल में भी प्रतिदिन लगभग 100 लोगों का भोजन तैयार किया जाता है, जिसमें दाल, रोटी और सब्जी शामिल रहती है। यहां फिलहाल गैस सिलिंडर की व्यवस्था है, लेकिन हर दूसरे दिन सिलिंडर की आवश्यकता पड़ रही है। वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार चल रहा है।
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बीआरडी के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि मरीजों के भोजन की व्यवस्था किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होने दी जाएगी और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक इंतजाम रखे गए हैं। वहीं जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरपी गौतम ने कहा कि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया गया है।