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सुप्रीम कोर्ट गेट के पास आत्मदाह की कोशिश करने वाले युवक के घर पहुंचे सीओ
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सुप्रीम कोर्ट गेट के पास आत्मदाह की कोशिश करने वाले युवक के घर पहुंचे सीओ
देवरिया। सुप्रीम कोर्ट गेट के पास शुक्रवार की दोपहर में आत्मदाह की कोशिश करने वाले छात्र के घर रविवार को सीओ श्रीयश त्रिपाठी पहुंचे। उन्होंने परिजनों से जानकारी ली और विवाद के बारे में पूछताछ की। इस मामले में पुलिस महानिदेशक ने जांच आख्या मांगी है।
सदर कोतवाली के मूड़ाडीह गांव निवासी अभिषेक सिंह (19) बारहवीं का छात्र है। सीओ को परिजनों ने बताया कि, अभिषेक 24 अक्तूबर को घर से दिल्ली गया है। छोटे भाई प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि बड़े भाई अभिषेक सिंह ने गांव के एक स्कूल की शिकायत की थी। उसकी वजह से परीक्षा में नकल करते समय छात्र पकड़ लिए गए और स्कूल के खिलाफ कार्रवाई हुई। कुछ दिन बाद पिता मकान बनवा रहे थे, तो स्कूल संचालक ने रोक दिया। किसी तरह मकान बनी। 19 अक्तूबर को स्कूल संचालक ने पुलिस में झूठी शिकायत कर दी। प्रभावशाली व्यक्ति के चलते कोतवाली का एक सिपाही घर पहुंचा और बिना वारंट के उसे कोतवाली लकर चला गया। आरोप है कि सिपाही ने कोतवाली में अभिषेक की पिटाई की और बाद में छोड़ दिया। जून में घर में चोरी की घटना हुई, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। पिता नरेंद्र सिंह रामपुर कारखाना में बीआरसी कार्यालय सहायक हैं। उनकी आए दिन शिकायत की जाने लगी। उससे पूरा परिवार परेशान हो गया। कई बार कोतवाली में तहरीर देने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया, लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं किया। सीओ श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने मौके पर खुद जांच की है। सड़क का विवाद बताया जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट आला अफसरों को जल्द भेज दी जाएगी।
पीआईएल के बारे में मांगी थी सूचना, याचिका खारिज होने पर उठाया कदम : एसपी
देवरिया। डीआईजी/एसपी डॉ.श्रीपति मिश्रा ने कहा कि युवक की शिकायत पर गांव के एक स्कूल का योगा सेंटर वर्ष 2019 में बर्खास्त होने की बात सामने आई है। युवक अवसाद से ग्रसित है। उसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। इसका मुकदमा दर्ज हुआ और आरोप पत्र दाखिल किया गया है। ग्राम प्रधान सड़क निर्माण करा रहे थे, तब भी युवक से विवाद हुआ था। इसमें 107/ 16 की कार्रवाई की गई थी। इसके साथ ही एनसीआर भी दर्ज हुई थी। पुलिस की पिटाई का आरोप निराधार है। अभिषेक ने सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल की थी। उसके संबंध में उसने सुप्रीम कोर्ट में आरटीआई के जरिए सूचना मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट के सीपीआईओ ने अभिषेक को बताया कि पीआईएल के बारे में सूचना नहीं दी जा सकती है। इस पर अभिषेक ने केंद्रीय सूचना आयोग के जरिए पीआईएल के बारे में जानकारी मांगी। केंद्रीय मुख्य सूचना आयुक्त वाईके सिन्हा ने 27 जनवरी को सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए कहा कि मामले को खारिज कर दिया गया है। प्रार्थी को उचित फोरम में जाने को कहा। मामले में जांच के दौरान पुलिस की कोई लापरवाही सामने नहीं आई है। जब भी इसने प्रार्थनापत्र दिया, पुलिस ने कार्रवाई की है।
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देवरिया। सुप्रीम कोर्ट गेट के पास शुक्रवार की दोपहर में आत्मदाह की कोशिश करने वाले छात्र के घर रविवार को सीओ श्रीयश त्रिपाठी पहुंचे। उन्होंने परिजनों से जानकारी ली और विवाद के बारे में पूछताछ की। इस मामले में पुलिस महानिदेशक ने जांच आख्या मांगी है।
सदर कोतवाली के मूड़ाडीह गांव निवासी अभिषेक सिंह (19) बारहवीं का छात्र है। सीओ को परिजनों ने बताया कि, अभिषेक 24 अक्तूबर को घर से दिल्ली गया है। छोटे भाई प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि बड़े भाई अभिषेक सिंह ने गांव के एक स्कूल की शिकायत की थी। उसकी वजह से परीक्षा में नकल करते समय छात्र पकड़ लिए गए और स्कूल के खिलाफ कार्रवाई हुई। कुछ दिन बाद पिता मकान बनवा रहे थे, तो स्कूल संचालक ने रोक दिया। किसी तरह मकान बनी। 19 अक्तूबर को स्कूल संचालक ने पुलिस में झूठी शिकायत कर दी। प्रभावशाली व्यक्ति के चलते कोतवाली का एक सिपाही घर पहुंचा और बिना वारंट के उसे कोतवाली लकर चला गया। आरोप है कि सिपाही ने कोतवाली में अभिषेक की पिटाई की और बाद में छोड़ दिया। जून में घर में चोरी की घटना हुई, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। पिता नरेंद्र सिंह रामपुर कारखाना में बीआरसी कार्यालय सहायक हैं। उनकी आए दिन शिकायत की जाने लगी। उससे पूरा परिवार परेशान हो गया। कई बार कोतवाली में तहरीर देने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया, लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं किया। सीओ श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने मौके पर खुद जांच की है। सड़क का विवाद बताया जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट आला अफसरों को जल्द भेज दी जाएगी।
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पीआईएल के बारे में मांगी थी सूचना, याचिका खारिज होने पर उठाया कदम : एसपी
देवरिया। डीआईजी/एसपी डॉ.श्रीपति मिश्रा ने कहा कि युवक की शिकायत पर गांव के एक स्कूल का योगा सेंटर वर्ष 2019 में बर्खास्त होने की बात सामने आई है। युवक अवसाद से ग्रसित है। उसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। इसका मुकदमा दर्ज हुआ और आरोप पत्र दाखिल किया गया है। ग्राम प्रधान सड़क निर्माण करा रहे थे, तब भी युवक से विवाद हुआ था। इसमें 107/ 16 की कार्रवाई की गई थी। इसके साथ ही एनसीआर भी दर्ज हुई थी। पुलिस की पिटाई का आरोप निराधार है। अभिषेक ने सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल की थी। उसके संबंध में उसने सुप्रीम कोर्ट में आरटीआई के जरिए सूचना मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट के सीपीआईओ ने अभिषेक को बताया कि पीआईएल के बारे में सूचना नहीं दी जा सकती है। इस पर अभिषेक ने केंद्रीय सूचना आयोग के जरिए पीआईएल के बारे में जानकारी मांगी। केंद्रीय मुख्य सूचना आयुक्त वाईके सिन्हा ने 27 जनवरी को सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए कहा कि मामले को खारिज कर दिया गया है। प्रार्थी को उचित फोरम में जाने को कहा। मामले में जांच के दौरान पुलिस की कोई लापरवाही सामने नहीं आई है। जब भी इसने प्रार्थनापत्र दिया, पुलिस ने कार्रवाई की है।
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