फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   CMO family got cured at home with vigilance from Corona

घर में ही ठीक हो गया गोरखपुर सीएमओ का परिवार, बोले- 'सतर्कता ही है कोरोना से बचाव'

Sat, 05 Sep 2020 07:06 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 05 Sep 2020 07:06 PM IST
सार

  • सीएमओ, उनकी पत्नी, बहू और बेटा और बेटी कोरोना को दे चुके हैं मात
  • बेटे-बहू सिर्फ हुए थे अस्पताल में भर्ती, अन्य लोग हुए घर पर ही ठीक

विज्ञापन
CMO family got cured at home with vigilance from Corona
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI

विस्तार

कोविड के बुजुर्ग मरीज संभव नहीं है कि वह होम आइसोलेशन में ठीक हो जाए। अगर किसी को कोई गंभीर दिक्कत है तो उसे अस्पताल का ही विकल्प चुनना चाहिए। यह बातें सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने शनिवार को कही।

विज्ञापन


बताया कि कोरोना की लड़ाई में शारीरिक तौर से ज्यादा मानसिक आत्मबल की जरूरत है। बताया कि मेरे बेटे और बहू पहले से कोरोना पॉजीटिव थे और अस्पताल में भर्ती थे। हम पति-पत्नी और बेटी तीनों का पॉजीटिव आ जाने के बाद मन घबराया। एक बार लगा कि अगर दिक्कत हुई तो अस्पताल कौन ले जाएगा। लेकिन हमने होम आइसोलेशन का विकल्प चुना। घर से सभी कर्मचारियों की ड्यूटी हटा दी। इस बीच बेटे-बहू स्वस्थ होकर आए तो उन्हें अलग कमरे में रख दिया गया। लेकिन आइसोलेशन का कड़ाई से पालन किया। पल्स ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन का लेवल चेक कराते रहे।
विज्ञापन


बताया कि संक्रमण के दौरान मैं रोज डायरी लिखता था। योग-व्यायाम और घर के भीतर सुबह-सुबह टहलना, काढ़ा पीना और दवाईयों के सेवन को जिंदगी का हिस्सा बनाया और स्वस्थ हो गया। जबकि मैं शुगर का मरीज भी था।  
विज्ञापन
विज्ञापन


सीएमओ की पत्नी आशा तिवारी ने बताया कि घर का सारा काम हम तीनों लोग बांट कर करते थे। बीमारी से लड़ने में परिवार के भीतर की यह टीम भावना भी मददगार बनी। बेटी मधुलिका तिवारी ने बताया कि कोरोना में मानसिक तौर पर खुद को मजबूत रखना चाहिए।

होम आइसोलेशन की सुविधाएं

  • मेडिकल किट (7 दिन की दवा) मुफ्त दी जाती है।
  • आशा कार्यकर्ता और रैपिड रिस्पांस टीम की नियमित विजिट या फोन से फॉलो अप होता है।
  • किसी भी मदद के लिए कंट्रोल रूम के नंबर 0551-2201796, 0551-2202205 और 0551-2204196 पर संपर्क करें।
  • पल्स ऑक्सीमीटर रखें और ऑक्सीजन का स्तर मापते रहें।
  • दिक्कत बढ़ने पर 108 नंबर एंबुलेंस सेवा की भी मदद मिलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed