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राम मंदिर निधि समर्पण अभियान की बैठक हुई समाप्त, सीएम योगी बोले- 'अयोध्या बनेगा देश का सबसे बड़ा पर्यटक स्थल'
Wed, 27 Jan 2021 08:03 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 27 Jan 2021 08:03 PM IST
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राम मंदिर निधि समर्पण अभियान की बैठक को संबोधित करते सीएम योगी।
- फोटो : अमर उजाला।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में कहा कि अयोध्या देश का सबसे बड़ा पर्यटक स्थल बनेगा। राम मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। इसके विस्तार और विकास के लिए व्यापक कार्य योजना बनाई गई है।
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उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर आंदोलन से गोरक्ष पीठ का गहरा नाता रहा है। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेधनाथ राम मंदिर आंदोलन के लिए अपने पूरे जीवन काल में सक्रिय रहे। ब्रह्मलीन महंत अवेधनाथ ने जन्मभूमि संघर्ष समिति के अध्यक्ष रहते हुए इस आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने मंदिर निर्माण के लिए एक रुपये से इसकी शुरुआत की है। अयोध्या के विकास को लेकर व्यापक कार्ययोजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में अयोध्या देश का न सिर्फ सबसे बड़ा तीर्थ स्थल होगा बल्कि सबसे आकर्षक पर्यटक स्थल के रूप में भी सामने आएगा।
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सीएम योगी अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए बुधवार को गोरखनाथ मंदिर के तिलक हाल में राम मंदिर निधि समर्पण अभियान की बैठक को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
वहीं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण 36 से 39 महीने में पूरा हो जाएगा। आईआईटी के वैज्ञानिकों व इंजीनियरों की देखरेख में मलबा हटाने का काम चल रहा है। पूरा क्षेत्र मलबे से पटा है। कोई दूसरी बाधा नहीं है।
चंपत राय ने कहा कि जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण में किसी तरह की बाधा नहीं है। आईआईटी के वैज्ञानिकों व इंजीनियरों ने अध्ययन किया है। इससे पता चला कि 400 फुट लंबे, 150 मीटर चौड़े और 12 मीटर की गहराई तक मलबा है। इसे हटाने के साथ ही नींव की संरचना की जा रही है।
उन्होंने कहा कि निर्धारित समय से मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा। यह राष्ट्र मंदिर है। लिहाजा, देशवासी बढ़-चढ़कर योगदान कर रहे हैं। देश की पांच लाख ग्राम पंचायतों, शहर के वार्ड, कस्बा व मोहल्लों से लोग आगे आ रहे हैं। ऐसा लगता है कि देश की आधी आबादी मंदिर निर्माण से जुड़ेगी।