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यूपी: सीएम योगी ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, बोले- हर भारतीय की प्रेरणा है आपका बलिदान
Fri, 18 Jun 2021 01:47 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 18 Jun 2021 01:47 PM IST
सार
अपने अधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर रानी लक्ष्मीबाई के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि प्रथम स्वाधीनता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाने वाली महान योद्धा, अद्वितीय तेजस्विता, अद्भुत बलिदान, अदम्य साहस एवं नारी शक्ति की अप्रतिम प्रतीक झांसी की रानी लक्ष्मीबाई जी को उनकी पुण्यतिथि पर कोटिशः श्रद्धांजलि।
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सीएम योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अपने अधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर रानी लक्ष्मीबाई के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि प्रथम स्वाधीनता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाने वाली महान योद्धा, अद्वितीय तेजस्विता, अद्भुत बलिदान, अदम्य साहस एवं नारी शक्ति की अप्रतिम प्रतीक झांसी की रानी लक्ष्मीबाई जी को उनकी पुण्यतिथि पर कोटिशः श्रद्धांजलि। आपका बलिदानी जीवन प्रत्येक भारतीय के लिए महान प्रेरणा है।
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1858 में आज ही के दिन दिया था बलिदान
बता दें कि देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई का जन्म 18 नवंबर 1828 को हुआ था। उन्होंने 18 जून 1858 को अपना बलिदान दिया। इस दिन को देश रानी लक्ष्मीबाई बलिदान दिवस के रूप मनाता है। इतिहास के पन्नों में रानी की वीरगाथा सुनहरे अक्षरों में अंकित है।
अपने जीवन की अंतिम लड़ाई में उन्होंने ऐसी वीरता दिखाई कि अंग्रेज तक उनके कायल हो गए। उनके बलिदानी जीवन से आज भी देश प्रेरणा लेता है। उन्होंने बड़ी वीरता से अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे। वह अंतिम सांस तक अंग्रेजों से लड़ती रहीं और अंतत: वीर गति प्राप्त की।
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प्रथम स्वाधीनता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाने वाली महान योद्धा, अद्वितीय तेजस्विता, अद्भुत बलिदान, अदम्य साहस एवं नारी शक्ति की अप्रतिम प्रतीक झांसी की रानी लक्ष्मीबाई जी को उनकी पुण्यतिथि पर कोटिशः श्रद्धांजलि।
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आपका बलिदानी जीवन प्रत्येक भारतीय के लिए महान प्रेरणा है।— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 18, 2021
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1858 में आज ही के दिन दिया था बलिदान
बता दें कि देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई का जन्म 18 नवंबर 1828 को हुआ था। उन्होंने 18 जून 1858 को अपना बलिदान दिया। इस दिन को देश रानी लक्ष्मीबाई बलिदान दिवस के रूप मनाता है। इतिहास के पन्नों में रानी की वीरगाथा सुनहरे अक्षरों में अंकित है।
अपने जीवन की अंतिम लड़ाई में उन्होंने ऐसी वीरता दिखाई कि अंग्रेज तक उनके कायल हो गए। उनके बलिदानी जीवन से आज भी देश प्रेरणा लेता है। उन्होंने बड़ी वीरता से अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे। वह अंतिम सांस तक अंग्रेजों से लड़ती रहीं और अंतत: वीर गति प्राप्त की।