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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   CM Yogi named the tiger in Gorakhpur Zoo, released the elephant Ganga Prasad in the rescue center (enclosure).

गोरखपुर जू: पीलीभीत का बाघ आदमखोर नहीं...अब होगा 'केसरी', CM योगी ने रखा नाम- 'गंगा प्रसाद' को बाड़े में छोड़ा

Mon, 20 Jan 2025 04:38 PM IST
रोहित सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Mon, 20 Jan 2025 04:38 PM IST
सार

 सोमवार को सीएम योगी ने नर भेड़िए का नाम भैरव और मादा का नाम भैरवी रखा है। इसके अलावा बाघ का नाम केसरी रखा। इसके अलावा हाथी रेस्क्यू सेंटर का शुभारंभ भी किया गया। इस दौरान उन्होंने मौजूद दर्शकों को संबोधित भी किया।

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CM Yogi named the tiger in Gorakhpur Zoo, released the elephant Ganga Prasad in the rescue center (enclosure).
चिड़ियाघर में हाथी रेस्क्यू सेंटर का उद्घाटन करने के बाद सीएम योगी गंगा प्रसाद को केला खिलाते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

चिड़ियाघर में हाथी के रेस्क्यू सेंटर का लोकार्पण, बाघ एवं भेड़ियों को बाड़े में छोड़ने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हाथी रेस्क्यू सेंटर का शुभारंभ किया गया है। ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने हाथी को डोनेट किया है। जनप्रतिनिधि ने विधानसभा का होने की वजह से अपने हाथी को डोनेट किया।

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दर्शकों के लिए एक भारी भरकम बाघ को छोड़ा गया है। पीलीभीत से पकड़ कर लाया गया था, वहां इसने मानवों पर हमला किया था। इसका नामकरण कर दर्शकों के लिए छोड़ दिया गया। बताया कि अबसे वो केसरी नाम से जाना चाएगा। मजाकिया लहजे में कहा कि रविकिशन उसके बाड़े में जाने को तत्पर थे, लेकिन हमने रोक दिया कि अभी आगे भाषण भी देना है।
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दरअसल , बहराइच में भेड़ियों का एक झुंड हमला कर रहा था। गोरखपुर चिड़ियाघर और बहराइच के वन विभाग की टीम ने दो भेड़ियों को रेस्क्यू कर गोरखपुर चिड़ियाघर लाया। सोमवार को सीएम योगी ने नर भेड़िए का नाम भैरव और मादा का नाम भैरवी रखा है। इसके अलावा बाघ का नाम केशरी रखा। सीएम योगी चिड़ियाघर में राइनो के पास भी गए थे।
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उसको खिलाए। शेर के पास गए, बुलाने पर आ गया। कहा कि जानवरों को प्रेम से रखें तो वह अच्छे से पेश आते हैं। प्रकृति और पशु पक्षुओं के साथ संतुलन बना कर रहना होगा। पिछले 7-8 वर्षों में सरकार ने पर्यावरण के प्रति कार्य किया है। 100 करोड़ पौध लगे हैं। कैंपियरगंज में जटायु केंद्र बना है।

जल्द ही वहां फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी बनेगी। पर्यावरण के दुश्मन से परहेज करना है। सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रतिबंधित करना है। जो जल या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं, उनसे दूरी बनानी होगी। हर व्यक्ति एक पेड़ लगाए और उसका संरक्षण करें। बरसात का पानी बेकार न जाए, इसके लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा दें।


मुझे खुशी है कि 2021 में चिड़ियाघर का लोकार्पण हुआ। अभी तक 30 लाख से अधिक लोग यहां आ चुके हैं। प्रकृति और पर्यावरण के लिए जितना काम होगा उतना की हम आगे बढ़ेंगे। भविष्य हमारा उज्ज्वल होगा।

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