Gorakhpur News: सीएम योगी की सख्ती का असर, टूटेगी नाले की दीवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों के निरीक्षण के दौरान नाले पर कहीं भी शेष रह गए चिह्नित अतिक्रमण को हटाने और निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण तरीके व तीव्र गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए। नाले का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने नाला प्रोजेक्ट की ड्राइंग व वीडियो प्रेजेंटेशन को देखा।
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सीएम योगी ने सख्ती बरती तो अब पीडब्ल्यूडी देवरिया बाईपास के चौड़ीकरण परियोजना के अंतर्गत बनाए जा रहे नाले की दीवार तोड़ने जा रहा है। शनिवार को मौके निरीक्षण के बाद रविवार को अफसरों को गोरखनाथ मंदिर बुलाकर सीएम ने बैठक की और नाले की दीवार को तोड़कर दोबारा री-मॉडलिंग तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा।
देवरिया बाईपास के चौड़ीकरण परियोजना के अंतर्गत बनाए जा रहे नाले की दीवार की अधिक ऊंचाई को लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। शनिवार को गोरखपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने मौके पर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रथमदृष्टया नाले की ऊंची दीवार को अव्यवहारिक पाते हुए संबंधित अधिकारियों से नाराजगी व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को परियोजना से संबंधित पत्रावली लेकर रविवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर बुलाया। इस दौरान कमिश्नर अनिल ढींगरा, जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन एवं पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौजूद रहे। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की ओर से घुमाव और कुछ अन्य कारणों से दीवार की ऊंचाई रखने को सही ठहराने की कोशिश की गई, लेकिन मुख्यमंत्री ने स्पष्ट लहजे में इसकी ऊंचाई कम करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी को नाला को लेकर दोबारा कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
जीडीए समिति ने भी जांच में पाया था अव्यवहारिक
अखबार में खबर प्रकाशित होने और स्थानीय लोगों की शिकायत पर कमिश्नर अनिल ढींगरा ने जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया था। समिति ने 18 दिसंबर को मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया। समिति ने पाया कि नाले की दीवार को अधिक ऊंचा बना दिया गया है, जो व्यावहारिक एवं तकनीकी दृष्टि से उचित नहीं है। समिति ने कार्यदायी संस्था को तीन दिन में नाले की दीवार ऊंची बनाए जाने को लेकर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा था।
रामगढ़ताल में जाए गोड़धाेइया नाले का शोधित पानी...इसलिए नाले का पुनरुद्धार जरूरी : सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामगढ़ताल पूर्वी उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बन चुका है। इसमें कहीं से भी प्रदूषित जल न जाने पाए इसलिए गोड़धइया नाला के पानी का शोधन जरूरी है। यहां पर जल के प्राकृतिक स्रोत को पुनर्जीवित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण नाला गोड़धोइया है, जो रामगढ़ताल से जुड़ता है। यह नाला मृतप्राय पड़ा था, इसके जीर्णोद्धार के लिए बनी परियोजना में रामगढ़ताल तक नाले के डायवर्जन, इंटरसेप्शन और ट्रीटमेंट के कार्य किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री रविवार को गोड़धइया नाले का निरीक्षण करने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मंशा है कि रामगढ़ताल में कहीं से भी प्रदूषित जल न जाने पाए। इस दृष्टि से 10 किलोमीटर के इस नाले के पुनरुद्धार करने और गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र की जल निकासी की समस्या का समाधान करने का भी कार्य हो रहा है। नाले के पुनरुद्धार कार्य में अलग-अलग सीवर लाइन और ड्रेनेज लाइन पड़ेगी। सीधे सीवर या ड्रेनेज का पानी रामगढ़ताल में न गिरे, इसके लिए ट्रीटमेंट का भी कार्य होगा। इससे रामगढ़ताल में जाने वाला पानी शोधित होकर जाएगा।
सीएम योगी ने कहा कि नाले के पुनरुद्धार से गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र में निवास करने वाली लगभग साढ़े तीन लाख से अधिक की आबादी को सीधे लाभ होगा। 17 से 18 वार्डों को जल निकासी का बेहतर माध्यम मिलेगा। साथ ही पुनरुद्धार कार्य के पूरा होने के बाद आवागमन का भी एक बेहतरीन माध्यम इन क्षेत्रों में निवास करने वाले नागरिकों को प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि गोड़धोइया नाला पर काफी बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हो गया था। उन्हें चिह्नित कर हटाया गया है और कुछ और को अभी हटाया जा रहा है।
गोड़धोइया नाले का तेजी से पूरा कराएं गुणवत्तायुक्त कार्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों के निरीक्षण के दौरान नाले पर कहीं भी शेष रह गए चिह्नित अतिक्रमण को हटाने और निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण तरीके व तीव्र गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
नाले का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने नाला प्रोजेक्ट की ड्राइंग व वीडियो प्रेजेंटेशन को देखा। मौके पर मौजूद अधिकारियों से प्रोजेक्ट के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी ली और जरूरी निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने प्रोजेक्ट के तहत निर्माणाधीन एसटीपी का भी निरीक्षण कर अब तक हुई प्रगति का जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि गोड़धोइया नाला के गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए और काम में भी तेजी लाई जाए। निरीक्षण के दौरान सांसद रविकिशन, मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।