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सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट हुआ पूरा, 40 साल बाद नहर के टेल तक पहुंचा पानी

Mon, 28 Dec 2020 02:34 PM IST
vivek shukla अजय तिवारी, घघसरा।
अजय तिवारी, घघसरा। Published by: vivek shukla Updated Mon, 28 Dec 2020 02:34 PM IST
सार

  • किसानों के चेहरे खिले, खेतों की सिंचाई हुई आसान
  • पाली क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों के किसानों को नववर्ष के मौके पर मिली बड़ी सौगात

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CM Yogi dream project completed water reaches canal tail after 40 years
सरयू नहर परियोजना। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर के घघसरा पाली क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों के किसानों को नववर्ष के मौके पर बड़ी सौगात मिली है। सरयू नहर परियोजना आखिरकार पूरी हो गई। यह सीएम योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट था। करीब 40 साल बाद जब नहर में पानी की धारा बही तो किसानों की खुशियां हिलोरे मारने लगीं। चार दशक बाद नहर का पानी टेल तक पहुंचने की खबर फैलते ही किसान खुशियां मनाने लगे।

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शारदा नहर बैराज से निकलने वाली सरयू नहर की परियोजना वर्षों से अधर में लटकी थी। वर्ष 2005 में किसानों से जमीन लेने का कार्य शुरू हुआ, मगर प्रशासनिक शिथिलता के चलते योजना बंद हो गई। वर्ष 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना में रुचि दिखाई तो परियोजना आगे बढ़ी।
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सीएम ने इसे प्राथमिकता के रूप में लिया तो काम तेजी से हुआ। पड़ोसी जिले संतकबीरनगर तथा गोरखपुर जनपद में कुल लगभग 12 किमी नहर की खुदाई की गई, जिसे गोरखपुर के पाली ब्लॉक की ग्रामसभा तिवरान के पास बखिरा पंप नहर में जोड़ दिया गया। नहर का निर्माण पूरा होने तथा वर्षों बाद पानी बहने से किसानों में खुशी का माहौल है।
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एक लाख हेक्टेयर भूमि की होगी सिंचाई

नहर से जनपद में करीब एक लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई हो सकेगी। 40 साल पहले पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से पानी टेल तक नहीं पहुंच पाता था। बखिरा पंप नहर से पानी तीन-चार किलोमीटर बाद आगे नहीं जाता था।

1956 में बनी थी बखिरा पंप नहर
किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए बखिरा झील से निकलने वाली बखिरा पंप नहर द्वितीय का निर्माण वर्ष 1956 में किया गया था। इसकी मुख्य शाखा तथा उपशाखा मिलाकर कुल लंबाई लगभग 37 किमी है। इसमें बिजली से चलने वाले पंप से पानी छोड़ा जाता है, मगर आपूर्ति बाधित होने से सिंचाई का दायरा सिमट गया है। कई वर्षों से इसमें पानी न जाने से किसान निराश थे। अब सरयू नहर परियोजना में शामिल करने से पर्याप्त पानी मिलेगा।

किसान बोले-सपना हुआ साकार, अब नहीं सूखेगी फसल
पटखौली गांव के किसान वीरबल प्रसाद ने कहा कि यह सपने के सच होने जैसा है। नहर में 40 साल बाद पानी आया है। अब किसानों में अच्छी खेती की उम्मीद जगी है। इससे सिंचाई आसान होगी और किसानों को फायदा होगा।

किसानों की लागत घटेगी
मिनवा के निर्मल ने कहा कि समय से और नि:शुल्क पानी मिलने से किसानों को काफी फायदा होगा। खेती की लागत कम होगी एवं पैदावार बढ़ेगी। प्रदेश सरकार का यह प्रयास सराहनीय है।

भर्रोहियां के विजय मिश्र का कहना है कि नहर में पानी आने से किसानों में खुशी है। पहले पानी के अभाव में फसलें सूख जाती थीं मगर अब इससे मुक्ति मिलेगी।

नेवास के हरिकेश प्रसाद का कहना था कि सिंचाई संसाधन की कमी से खेती करना मुश्किल था। नहर में पानी आने से यह आसान हो गया है। किसान अब नकदी फसल की बुआई के बारे में सोच सकते हैं।

सिद्धार्थनगर बांसी सरयू नहर खंड प्रथम, अधिशासी अभियंता उग्रसेन वर्मा ने कहा कि परियोजना के पूरा होने से किसानों को निशुल्क सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी लागत कम होगी और पैदावार बढ़ेगी। गोरखपुर जनपद के दर्जनों गांवों के हजारों किसानों को इसका लाभ मिलेगा। इसकी देखरेख के लिए सहायक अभियंता केसी विश्वकर्मा, कुमार गौरव एवं अवर अभियंता संजय विश्वकर्मा को लगाया गया है।
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