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गोरखनाथ मंदिर में परंपरागत रूप से मनेगी होली, तिलक लगाने के कार्यक्रम से दूर रह सकते हैं सीएम
Mon, 09 Mar 2020 01:09 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 09 Mar 2020 01:09 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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गोरखनाथ मंदिर में होली का त्योहार परंपरागत रूप से मनाया जाएगा। इसे लेकर तैयारियां अंतिम दौर में हैं। गायक राकेश श्रीवास्तव की अगुवाई में लोक गायक होली गीत सुनाएंगे। अगर कुछ परंपरा के अनुसार नहीं हो सका, तो वह होगा गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ को अबीर-गुलाल से तिलक लगाने का कार्यक्रम। माना जा रहा है कि कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर सीएम योगी आदित्यनाथ इसमें शामिल नहीं होंगे।
मंदिर से मिली जानकारी के मुताबिक, मंदिर में सोमवार को होलिका दहन का कार्यक्रम होगा। दूसरे दिन सुबह राख उड़ाने के बाद दोपहर तक होली खेली जाएगी। दोपहर बाद लोक कलाकार राकेश श्रीवास्तव और उनकी टीम होली गीत गाएगी। आयोजन में भारी संख्या में भक्त शामिल होंगे। परंपरा रही है कि एक तरफ लोक गायक होली के गीत गाते हैं तो दूसरी तरफ वहां आए लोग गोरक्षपीठाधीश्वर को अबीर-गुलाल का तिलक लगाते हैं।
पीठाधीश्वर भी आए हुए लोगों को टीका लगाकर आशीर्वाद देते हैं। लेकिन इस साल कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने होली के सार्वजनिक कार्यक्रम से अपने को दूर रखने की बात कही है। इस नाते माना जा रहा है कि अबीर गुलाल लगाए जाने के कार्यक्रम में वह शिरकत नहीं करेंगे।
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मंदिर से मिली जानकारी के मुताबिक, मंदिर में सोमवार को होलिका दहन का कार्यक्रम होगा। दूसरे दिन सुबह राख उड़ाने के बाद दोपहर तक होली खेली जाएगी। दोपहर बाद लोक कलाकार राकेश श्रीवास्तव और उनकी टीम होली गीत गाएगी। आयोजन में भारी संख्या में भक्त शामिल होंगे। परंपरा रही है कि एक तरफ लोक गायक होली के गीत गाते हैं तो दूसरी तरफ वहां आए लोग गोरक्षपीठाधीश्वर को अबीर-गुलाल का तिलक लगाते हैं।
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पीठाधीश्वर भी आए हुए लोगों को टीका लगाकर आशीर्वाद देते हैं। लेकिन इस साल कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने होली के सार्वजनिक कार्यक्रम से अपने को दूर रखने की बात कही है। इस नाते माना जा रहा है कि अबीर गुलाल लगाए जाने के कार्यक्रम में वह शिरकत नहीं करेंगे।
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