सीएम योगी ने जिले की महिला समूहों को दी ये खास सौगात, पूछा- 'पति-पत्नी झगड़ते तो नहीं'
- सीएम ने जिले की 781 महिला समूहों को खाते में भेजा 5.88 करोड़ का ऋण
- वीसी के जरिए अजीविका मिशन की महिलाओं और उनके पतियों से किया संवाद
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय आजीविका विकास मिशन से जुड़ी गोरखपुर की 781 महिला समूहों को स्वरोजगार के लिए 5.88 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लखनऊ से ही उन्होंने यह रकम संबंधित महिला समूहों के खातों में भेजी। इस दौरान उन्होंने समूह महिलाओं और उनके पतियों से संवाद भी किया। इस दौरान एक प्रवासी मजदूर से यह भी पूछा कि पति-पत्नी झगड़ा तो नहीं करते।
क्लेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में मौजूद ब्रह्मपुर के प्रवासी मजदूर सुनील कुमार निषाद का हौसला बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि घर से दूर रहकर मुम्बई में कारपेंटर का काम करने से क्या फायदा। ब्रह्मपुर में बड़ा-सा शो रूम खोलो। सोफा, कुर्सियां, बेड बनाओ। ब्रह्मपुर अच्छा मार्केट है।
मुख्यमंत्री ने सुनील को भरोसा दिलाया कि सरकार सभी जरूरी सहयोग करेगी। बोले अभी लॉकडाऊन चल रहा है, लेकिन इसी बीच बैंक से लोन के लिए आवेदन कर दो। सुनील कुछ दिन पहले ही मुंबई से लौट कर आए हैं।
लॉकडाउन से उपजी तकलीफों पर चर्चा से माहौल बोझिल न हो जाए, इसलिए अगले ही पल मुख्यमंत्री ने ट्रैक से हटकर सवाल किया कि पत्नी क्या करती है, तो सुनील ने बताया कि वह समूह से जुड़ कर सिलाई करती हैं। पार्लर भी चलाती हैं। 4 से 5 हजार रुपये मासिक आमदनी हो जाती है।
तब मुख्यमंत्री ने ऐसा सवाल किया कि वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़ा हर कोई हंस पड़ा। सवाल था- ‘तुम दोनों झगड़ते तो नहीं हो।’ सुनील ने भी मुस्कुराते हुए कहा नहीं-नहीं। सीएम ने कहा ठीक है। साथ मिल कर काम करो और आगे बढ़ो।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सीडीओ हर्षिता माथुर, उपायुक्त स्वत: रोजगार अवधेश राम, जिला मिशन प्रबंधक सचिन कुमार समेत कई अन्य समूह की महिलाएं भी मौजूद रहीं।
लॉक डाउन में आप तो मुनाफा कमा रहीं, हमें तो सिर्फ घाटा हो रहा
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने चरगांवा ब्लाक की सोनबरसा ग्राम निवासी उजाला समूह की अध्यक्ष रीता देवी से भी बात की। रीता से उनके काम काज की जानकारी पूछी तो उन्होंने बताया कि उनके समूह में 11 महिलाएं काम करती हैं जिनमें अधिकांश के पति प्रवासी मजदूर हैं।
लॉकडाउन में उन्होंने मास्क भी बनाया और मुनाफा भी कमाया। सीएम ने उनके प्रयास को खूब सराहा और मुस्कुराते हुए कहा कि ‘कितना अच्छा है, आप लॉकडाउन में मुनाफा कमा रही हैं। हमें तो सिर्फ घाटा ही हो रहा है।’ सीएम की बात से वहां बैठा हर कोई मुस्कुरा उठा।
58 हजार बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी की होगी नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी योजना की घोषणा करते हुए बताया कि इनमें गांव की महिलाएं बैंकों से जुड़ कर पैसे के लेनदेन को घर-घर जाकर करवाएंगी। बैंक जाने की आवश्यकता ही नहीं होगी। ये सारा लेनदेन डिजिटल होगा। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा तो कम होगा ही, साथ में गांव की महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा।
सीएम ने कहा कि 58 हजार बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी नियुक्त की जाएंगी। इन्हें 4 हजार रुपए महीने के हिसाब से 6 महीनों तक प्रदान किए जाएंगे। डिवाइस के लिए भी 50 हजार रुपए मिलेंगे। इसके अलावा बैंक भी लेनदेन पर उनको कमीशन देगा, जिससे उनको हर महीने एक निश्चित आय होगी।