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गुरु पूर्णिमा: सीएम योगी ने श्रद्धालुओं को दिया संदेश, बोले- अव्यवस्था फैलाने वाले लोग समाज के शुभचिंतक नहीं
Sat, 24 Jul 2021 08:48 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 24 Jul 2021 08:48 PM IST
सार
गुरु पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं को दिया संदेश, कहा, कोरोना संक्रमण में लोगों ने अपने स्वजनों को खोया, उन्हें संबल देने के लोगों को आगे आना होगा।
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सीएम योगी अदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना से जान गंवाने वालों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार उन्हें संबल देने की कोशिश कर रही है, लेकिन उन्हें संबल देने के लिए समाज को भी आगे आना होगा। बहुत सारे लोग विपत्ति के समय, संकट के समय, उकसाने व भड़काने के साथ ही अव्यस्था फैलाने का काम कर रहें। ऐसे लोग समाज के शुभचिंतक नहीं हो सकते। मुख्यमंत्री शनिवार को ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में गुरुपूर्णिमा उत्सव को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि सच्चा मित्र वही है जो मनोबल बढ़ाएं, संबल प्रदान करें। ना कि हतोत्साहित करें, नकारात्मक सोच बनाएं। व्यक्ति हो या समाज हर एक को इस समय प्रोत्साहन की जरूरत है। समाज का संबल कोरोना संक्रमण से प्रभावित परिवारों की निराशा को आशा में बदलने का काम करेगा। कहा कि कोरोना संक्रमण के दौर में दुनिया की निगाहें भारत की ओर है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत तमाम विपरित परिस्थितियों एवं आशंकाओं के बीच कोरोना महामारी का सामना करते हुए 136 करोड़ की आबादी का जीवन एवं जीविका दोनों बचा रहा है। कहा कि जिस अनुशासन का पालन भारत के सामान्य नागरिकों ने बीमारी के दौरान किया, वह अभिनंदनीय एवं वंदनीय है।
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सदी की सबसे बड़ी यह महामारी कोई वायरल फीवर नहीं है। इसने पूरी दुनिया को चपेट में ले लिया लेकिन अपने देश के नेतृत्व पर भरोसा कर नागरिकों ने कोरोना गाइडलाइन का अनुपालन किया। भारत की आबादी की एक चौथाई आबादी अमेरिका की है, उनका हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर भी काफी बेहतर है लेकिन वहां भारत से डेढ़ गुना मौते हो जाती हैं।
तीसरी लहर से बचने के लिए करें कोविड गाइडलाइन का पालन
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर ने कुछ देशों और राज्यों में दस्तक दे दी है। अगर हम कोरोना गाइड लाइन का सख्ती से अनुपालन करेंगे तो बचे रहेंगे। इस बीच कोरोना के टीका लगाए वह सुरक्षा कवच का काम करेगा। कोरोना से हम हौंसले के साथ लड़ेंगे समर्पण नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग समय में कोरोना के अलग-अलग रूप दिखाई दिए लेकिन नेतृत्व जब सकारात्मक सोच का होता है तो सरकारात्मक परिणाम भी आता है।
गुरुजनों के प्रति आस्था निवेदित करने का पर्व है गुरु पूर्णिमा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की समृद्ध सनातन परंपरा को हम विभिन्न पर्व एवं त्योहारों के माध्यम से समझ सकते हैं। जो घटनाएं व्यापक परिवर्तन का कारक बनी समानत परम्परा में उसे किसी न किसी पर्व और त्योहार के रूप मान्यता मिली। ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा एवं आदर्श प्रस्तुत कर सके।
ऐसे पर्व त्योहार को हम पीढ़ी दर पीढ़ी उमंग, उत्साह और सात्विकता के साथ धर्म पद का अनुसरण करते हुए मना रहे हैं। कहा कि पांच हजार वर्षो से हम गुरु पूर्णिमा का पर्व मना रहे हैँ। पांच हजार साल पहले भगवान वेद व्यास ने वेदों की रचना की। उनके जन्मदिन व्यास पूर्णिमा को हम गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाते आ रहे हैं। यह पर्व हमें गुरु परम्परा और अपने गुरु जनों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है।
गुरुजनों के प्रति आस्था निवेदित करने का पर्व है गुरु पूर्णिमा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की समृद्ध सनातन परंपरा को हम विभिन्न पर्व एवं त्योहारों के माध्यम से समझ सकते हैं। जो घटनाएं व्यापक परिवर्तन का कारक बनी समानत परम्परा में उसे किसी न किसी पर्व और त्योहार के रूप मान्यता मिली। ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा एवं आदर्श प्रस्तुत कर सके।
ऐसे पर्व त्योहार को हम पीढ़ी दर पीढ़ी उमंग, उत्साह और सात्विकता के साथ धर्म पद का अनुसरण करते हुए मना रहे हैं। कहा कि पांच हजार वर्षो से हम गुरु पूर्णिमा का पर्व मना रहे हैँ। पांच हजार साल पहले भगवान वेद व्यास ने वेदों की रचना की। उनके जन्मदिन व्यास पूर्णिमा को हम गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाते आ रहे हैं। यह पर्व हमें गुरु परम्परा और अपने गुरु जनों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है।