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यूपी: पुलिस चौकी में बंद कर कपड़ा व्यापारी को पीटा, सीओ करेंगे जांच
Thu, 05 Aug 2021 01:26 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 05 Aug 2021 01:26 PM IST
सार
हालत खराब होने पर जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती। पुलिस ने कहा, कथित पीड़ित है हिस्ट्रीशीटर, दी थी फर्जी लूट की सूचना, पिटाई का आरोप गलत।
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जिला अस्पताल में मामले की जांच करने पहुंचे सीओ कोतवाली।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां मुफ्त में कपड़ा न देने पर कपड़ा व्यापारी रोहित यादव को बेनीगंज पुलिस चौकी में तीन दिन बंद कर बेरहमी से पीटा गया, यह आरोप लगाते हुए उसके परिजनों ने एसएसपी से शिकायत की है। उधर, पुलिस ने कपड़ा व्यापारी को हिस्ट्रीशीटर बताते हुए आरोपों को निराधार बताया है। एसएसपी ने मामले की जांच सीओ कोतवाली को सौंपी है।
कोतवाली इलाके की मियां बाजार निवासी शिवानी यादव का कहना है कि उसके भाई रोहित यादव की शाहपुर इलाके में रेडीमेड गारमेंट की दुकान है। दो सिपाही वहां, बार-बार मुफ्त में कपड़ा लेने पहुंच जाते थे। कई बार ऐसा होने पर भाई ने मुफ्त में कपड़ा देने से इनकार किया तो पुलिसकर्मियों से विवाद हो गया। इसकी शिकायत पुलिस अफसरों से करने पर सिपाहियों ने कुछ रुपये लौटा दिए थे।
इसी बीच दोनों सिपाहियों की तैनाती कोतवाली के बेनीगंज चौकी में हो गई। चौकी इंचार्ज से दोनों सिपाहियों की सांठगांठ थी। 18 जुलाई को रोहित यादव की बाइक लूट ली गई। इसका मुकदमा कोतवाली थाने में दर्ज भी किया गया था। आरोप है कि इसकी जांच उसी सिपाही को मिल गई, जो पहले शाहपुर में तैनात था। सिपाही ने जांच के नाम पर उसे उठा लिया और तीन दिनों तक उसे जमकर पीटा। यहां तक की उसे खाना भी नहीं देने दिया।
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शिवानी ने कहा कि इसका एक वीडियो बनाकर उसने इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया तो पुलिस ने भाई को शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। शिवानी ने बताया कि बुधवार को उसके भाई की तबीयत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन चिकित्सक पुलिस प्रताड़ना के आरोप में उसको अस्पताल में भर्ती करने को तैयार नहीं हुए। चिकित्सकों ने इसे एक्सीडेंट का मामला बताया। हालांकि बाद में उसे भर्ती कर लिया गया।
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कोतवाली इलाके की मियां बाजार निवासी शिवानी यादव का कहना है कि उसके भाई रोहित यादव की शाहपुर इलाके में रेडीमेड गारमेंट की दुकान है। दो सिपाही वहां, बार-बार मुफ्त में कपड़ा लेने पहुंच जाते थे। कई बार ऐसा होने पर भाई ने मुफ्त में कपड़ा देने से इनकार किया तो पुलिसकर्मियों से विवाद हो गया। इसकी शिकायत पुलिस अफसरों से करने पर सिपाहियों ने कुछ रुपये लौटा दिए थे।
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इसी बीच दोनों सिपाहियों की तैनाती कोतवाली के बेनीगंज चौकी में हो गई। चौकी इंचार्ज से दोनों सिपाहियों की सांठगांठ थी। 18 जुलाई को रोहित यादव की बाइक लूट ली गई। इसका मुकदमा कोतवाली थाने में दर्ज भी किया गया था। आरोप है कि इसकी जांच उसी सिपाही को मिल गई, जो पहले शाहपुर में तैनात था। सिपाही ने जांच के नाम पर उसे उठा लिया और तीन दिनों तक उसे जमकर पीटा। यहां तक की उसे खाना भी नहीं देने दिया।
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शिवानी ने कहा कि इसका एक वीडियो बनाकर उसने इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया तो पुलिस ने भाई को शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। शिवानी ने बताया कि बुधवार को उसके भाई की तबीयत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन चिकित्सक पुलिस प्रताड़ना के आरोप में उसको अस्पताल में भर्ती करने को तैयार नहीं हुए। चिकित्सकों ने इसे एक्सीडेंट का मामला बताया। हालांकि बाद में उसे भर्ती कर लिया गया।
थाने का हिस्ट्रीशीटर है रोहित, लूट में भी गया जेल
पुलिस के मुताबिक, रोहित यादव कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशीटर है। 1 नवंबर 2017 को उसकी हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। उसका हिस्ट्रीशीट नंबर 54ए है। इसके अलावा 2014 में लूट और 2017 में चोरी, हमला करने के आरोप में जेल जा चुका है। पुलिस का दावा है कि उसे हिरासत में लेने पर उसके मोबाइल से अवैध असलहों के साथ उसकी तस्वीर भी मिली थी, लेकिन असलहा बरामद नहीं हो सका था, जिस वजह से शांतिभंग में चालान कर दिया गया था।
बड़हलगंज थाने में सगे भाइयों को पुलिस ने पीटा
शहर के कोतवाली के अलावा बड़हलगंज थाने में दो भाइयों की पिटाई का मामला सामने आया है। आरोप है कि भूमि विवाद में शिकायत करने पर पुलिस ने दूसरे पक्ष से प्रभावित होकर भाइयों को थाने लाकर, बेरहमी से पिटाई कर दी है। दोनों भाइयों की पिटाई का आरोप लगाते हुए एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया है। पुलिस अफसरों ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इंस्पेक्टर ने आरोप को गलत ठहराया है।
एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने बताया कि रोहित यादव थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसने पुलिस को बाइक लूट की फर्जी सूचना दी थी। जिसकी जांच के दौरान पुलिस ने पूछताछ की थी। उसके मोबाइल से अवैध असलहों के साथ तस्वीर भी मिली, लेकिन असलहा बरामद नहीं हुआ था, इस वजह से शांतिभंग में चालान किया गया था। प्रकरण की जांच जारी है। पुलिस द्वारा पिटाई की जांच कराई जा रही है। सीओ कोतवाली को जांच सौंप दी गई है।
बड़हलगंज थाने में सगे भाइयों को पुलिस ने पीटा
शहर के कोतवाली के अलावा बड़हलगंज थाने में दो भाइयों की पिटाई का मामला सामने आया है। आरोप है कि भूमि विवाद में शिकायत करने पर पुलिस ने दूसरे पक्ष से प्रभावित होकर भाइयों को थाने लाकर, बेरहमी से पिटाई कर दी है। दोनों भाइयों की पिटाई का आरोप लगाते हुए एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया है। पुलिस अफसरों ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इंस्पेक्टर ने आरोप को गलत ठहराया है।
एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने बताया कि रोहित यादव थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसने पुलिस को बाइक लूट की फर्जी सूचना दी थी। जिसकी जांच के दौरान पुलिस ने पूछताछ की थी। उसके मोबाइल से अवैध असलहों के साथ तस्वीर भी मिली, लेकिन असलहा बरामद नहीं हुआ था, इस वजह से शांतिभंग में चालान किया गया था। प्रकरण की जांच जारी है। पुलिस द्वारा पिटाई की जांच कराई जा रही है। सीओ कोतवाली को जांच सौंप दी गई है।