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नगर विधायक बोले-जल निगम के एमडी ने माना इंजीनियरों ने की गलती, कार्रवाई होगी

Thu, 30 Jan 2020 07:03 AM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: विजय जैन Updated Thu, 30 Jan 2020 07:03 AM IST
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city MLA rmd aggarwal said - MD of Jal Nigam admitted engineers' mistake, action will be taken
नालों की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए नगर विधायक डॉ आरएमडी अग्रवाल व अन्य। - फोटो : अमर उजाला
देवरिया रोड पर तुर्रा नाले को जोड़ने वाले नाले के निर्माण में गड़बड़ी और सीवर लाइन के मामले में नगर विधायक डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल ने दावा किया है कि जल निगम के प्रबंध निदेशक विकास गोठनवाल ने स्वीकार किया है कि इंजीनियरों ने गलती की है।
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उन्होंने नगर विधायक को आश्वस्त किया है कि संयुक्त प्रबंध निदेशक (प्रशासन) अविनाश को जांच के लिए गोरखपुर भेजा था। उनकी लिखित रिपोर्ट आते ही संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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विधायक ने बताया कि जांच के बाद लौटे संयुक्त प्रबंध निदेशक के मौखिक फीडबैक पर विभाग के एमडी ने दोनों ही मामलों में इंजीनियरों पर लगाए गए उनके आरोप को सही बताया है। विधायक ने बताया कि प्रबंध निदेशक ने उनसे फोन पर बातचीत में स्वीकार किया है कि देवरिया रोड पर बन रहे नाले की डिजाइन गलत बनाई गई है।
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किसी भी नाले का बेस, बाढ़ के उच्चतम स्तर से ऊंचा होना चाहिए। वर्ना उसी तरह की बाढ़ के दौरान पानी शहर से बाहर निकलने की जगह वापस शहर में आ जाएगा। नाले का लेवल तय करते समय तुर्रा नाले का उच्चतम बाढ़ का स्तर नापा ही नहीं गया।
 

नाला लूट का जरिया बना

नगर विधायक ने बताया कि करीब छह साल से इस नाले का निर्माण हो रहा है मगर अभी तक पूरा नहीं हो सका। पूर्व की सरकार में 16 करोड़ की लागत से स्वीकृत हुआ यह नाला लूट का जरिया बन गया। वह शुरू से इसका विरोध कर रहे हैं। मगर उनके आरोपों की विभाग ने हमेशा अनदेखी की है।

विधायक ने कहा कि इस नाले को तुर्रा नाले में मिलाना शहर के लिए बहुत घातक होगा। अब दो ही रास्ते बचे हैं। या तो एक किलोमीटर नये नाले को स्वीकृत करके इसे एसटीपी में मिला दिया जाए या दो किमी का बचा हुआ नाला आगे पक्का बनाने की जगह इसे कच्चा नाला बनाकर जंगल में ही खत्म कर दिया जाए।  

सीवर लाइन में भी होगा सुधार   
विधायक ने बताया कि प्रबंध निदेशक ने जल निगम के द्वारा नंदानगर से लेकर मालवीयनगर तक डाली जा रही सीवर लाईन के बारे में भी उनकी आपत्तियों को सही ठहराया और विश्वास दिलाया कि विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद इसमें जरूरी सुधार किए जाएंगे। बताया कि पचपेड़वा, आजादनगर, लक्ष्मीपुर में फ टी हुई पाईप डालने के आरोप को भी सही ठहराया और कहा कि सभी जिम्मेदार अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई तो की ही जाएगी वैज्ञानिक पद्धति से यह पता कराकर कि जमीन के भीतर और कितनी पाईप खराब है, उसे भी बदलवाया जाएगा।
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