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Gorakhpur News: विद्यालय में बनी बाल संसद, बच्चों को मिली नेतृत्व की कमान
Wed, 16 Sep 2026 02:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 16 Sep 2026 02:48 AM IST
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गारेखपुर। कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय, अलहदादपुर में विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के उद्देश्य से बाल संसद का गठन किया गया। बाल संसद के गठन के बाद विद्यार्थियों को विभिन्न दायित्व सौंपे गए। इसके माध्यम से बच्चों को विद्यालय के संचालन, अनुशासन और विकास से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलेगा।
बाल संसद में विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गईं। बच्चों को विद्यालय की स्वच्छता, अनुशासन, प्रार्थना सभा, खेलकूद, पुस्तकालय और अन्य गतिविधियों में सहयोग करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिम्मेदारी मिलने के बाद विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। शिक्षकों ने बच्चों को उनके दायित्वों के प्रति गंभीरता और ईमानदारी से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय में बाल संसद के गठन का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल जिम्मेदारी सौंपना ही नहीं बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया से भी परिचित कराना है। इससे उनमें नेतृत्व, सहयोग, अनुशासन और संवाद की क्षमता विकसित होगी।
शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय में बच्चों को जिम्मेदारी देने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है। जब विद्यार्थी किसी कार्य की जिम्मेदारी स्वयं निभाते हैं तो उनमें अपने विद्यालय और साथियों के प्रति उत्तरदायित्व की भावना भी मजबूत होती है। विद्यालय प्रधानाचार्य सरिता ने बताया कि बाल संसद बच्चों को भविष्य के जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से विद्यार्थी विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ नेतृत्व के गुणों को व्यवाहारिक रूप से सीख सकेंगे।
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बाल संसद में उम्मीदवारों के पद
प्राधानमंत्री- आनंद, रितिका
शिक्षामंत्री- अंशु, ईशानी
उप प्रधानमंत्री- शनि, वैष्णवी
स्वास्थ्य मंत्री - अनमोल, राधिका
संस्कृति मंत्री- सपना, अर्पिता
पर्यावरण मंत्री- खुशी, सृष्टि
सुरक्षा मंत्री - प्रिंस, अनुजा
न्याय मंत्री- जिगर, सुमन
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बाल संसद में विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गईं। बच्चों को विद्यालय की स्वच्छता, अनुशासन, प्रार्थना सभा, खेलकूद, पुस्तकालय और अन्य गतिविधियों में सहयोग करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिम्मेदारी मिलने के बाद विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। शिक्षकों ने बच्चों को उनके दायित्वों के प्रति गंभीरता और ईमानदारी से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय में बाल संसद के गठन का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल जिम्मेदारी सौंपना ही नहीं बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया से भी परिचित कराना है। इससे उनमें नेतृत्व, सहयोग, अनुशासन और संवाद की क्षमता विकसित होगी।
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शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय में बच्चों को जिम्मेदारी देने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है। जब विद्यार्थी किसी कार्य की जिम्मेदारी स्वयं निभाते हैं तो उनमें अपने विद्यालय और साथियों के प्रति उत्तरदायित्व की भावना भी मजबूत होती है। विद्यालय प्रधानाचार्य सरिता ने बताया कि बाल संसद बच्चों को भविष्य के जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से विद्यार्थी विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ नेतृत्व के गुणों को व्यवाहारिक रूप से सीख सकेंगे।
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बाल संसद में उम्मीदवारों के पद
प्राधानमंत्री- आनंद, रितिका
शिक्षामंत्री- अंशु, ईशानी
उप प्रधानमंत्री- शनि, वैष्णवी
स्वास्थ्य मंत्री - अनमोल, राधिका
संस्कृति मंत्री- सपना, अर्पिता
पर्यावरण मंत्री- खुशी, सृष्टि
सुरक्षा मंत्री - प्रिंस, अनुजा
न्याय मंत्री- जिगर, सुमन