फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Children with meningitis will now have six types of tests

Gorakhpur News: दिमागी बुखार वाले बच्चों की अब छह तरह की होगी जांच, मरीज मिलने के बाद लिया फैसला

Wed, 11 Jan 2023 01:50 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 11 Jan 2023 01:50 PM IST
सार

पूर्वांचल में जापानी इंसेफेलाइटिस और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (जेई/एईएस) के मरीज हर साल मिलते हैं। पिछले कुछ सालों में इनकी संख्या कम हुई है। लेकिन, इसी बीमारी के अंतर्गत पहली बार जिले में लैप्टोस्पायरोसिस के मरीज मिले हैं।

विज्ञापन
Children with meningitis will now have six types of tests
गोरखपुर सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

दिमागी बुखार से पीड़ित बच्चों की अब पांच की जगह छह तरह की जांचें होंगी। जांच में लैप्टोस्पायरोसिस को भी शामिल किया गया है। शासन ने जिले में लैप्टास्पायरोसिस के मरीज मिलने के बाद यह फैसला लिया है।

विज्ञापन


पूर्वांचल में जापानी इंसेफेलाइटिस और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (जेई/एईएस) के मरीज हर साल मिलते हैं। पिछले कुछ सालों में इनकी संख्या कम हुई है। लेकिन, इसी बीमारी के अंतर्गत पहली बार जिले में लैप्टोस्पायरोसिस के मरीज मिले हैं।
विज्ञापन


पूरे वर्ष में करीब 96 मरीज जेई/एईएस के मिले हैं। इनमें जेई के तीन लैप्टोस्पायरोसिस के 10 और अन्य मरीज एईएस के थे। लैप्टोस्पायरोसिस मरीजों के मिलने बाद शासन ने फैसला लिया है कि दिमागी और हाई ग्रेड बुखार से पीड़ित सभी बच्चों की जेई, मलेरिया, स्क्रब टायफस, डेंगू, चिकनगुनिया के अलावा लैप्टोस्पायरोसिस की भी जांच की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि जेई और लैप्टोस्पायरोसिस जांच की सुविधा जिला अस्पताल में शुरू कर दी गई है। इसके अलावा चार तरह की जांच की सुविधा ब्लॉक स्तरीय अस्पतालों पर भी है। बताया कि लैप्टोस्पायरोसिस जेई/एईएस समूह का एक वायरस है। इसमें भी मरीजों को झटका, तेज बुखार के साथ असहनीय पीड़ा होती है। यह चूहा और छूछंदर के पेशाब और उनके मल से होता है।


आरएमआरसी की जांच में मिले थे 50 फीसदी मरीज
बीआरडी और जिला अस्पताल में भर्ती पांच तरह की बीमारियों, स्क्रब टायफस, लैप्टोस्पायरोसिस, डेंगू, चिकनगुनिया व एंटरोवायरस से पीड़ित बच्चों की आरमएआरसी ने जांच की थी। इसके लिए 88 मरीजों के नमूने लिए गए। इनमें 50 फीसदी मामलों में लैप्टोस्पायरोसिस के मरीज मिले। जबकि, एक में स्क्रब टायफस, नौ में डेंगू, तीन में चिकनगुनिया ओर तीन में एंटरोवायरस मिला। यह सभी नमूने पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों के भर्ती कराए गए मरीजों के थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed