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गोरखपुर मेडिकल कॉलेज: सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में बनेगा बच्चों का कोरोना वार्ड, संक्रमित महिला और गर्भवती भी इसी वार्ड में होंगी भर्ती
Thu, 27 May 2021 02:06 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 27 May 2021 02:06 PM IST
सार
क्षमता 200 बेड की होगी, 25 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू और 25 बेड का एनआईसीयू हो रहा तैयार।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
कोरोना की तीसरी लहर से पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों के लिए वार्ड बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में 200 बेड तैयार किए जा रहे हैं। यहां संक्रमित बच्चों के साथ ही महिलाओं और गर्भवती का भी इलाज होगा। संक्रमित बच्चों के इलाज के लिए यहीं पर नीकू और पीकू वार्ड बनेंगे।
जानकारी के अनुसार, सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में अभी 200 बेड का कोविड अस्पताल संचालित किया जा रहा है। लेकिन, अब यहां की व्यवस्था बदली जाएगी। एक महीने से कम उम्र के संक्रमित बच्चों के लिए न्यू नेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (नीकू) तैयार किया जा रहा है। इसकी क्षमता 25 बेड की होगी। इसके लिए बेबी वार्मर, मल्टीपैरामीटर वार्ड में स्थापित किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही नवजात बच्चों के लिए अलग वेंटिलेटर भी लगाए जा रहे हैं। इसी ब्लॉक में 25 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू (पीकू) भी बनाया जा रहा है। इसमें 25 वेंटिलेटर लगाए जाएंगे। यहां पर एक महीने से लेकर 14 साल तक के बच्चे भर्ती होंगे। जरूरत के मुताबिक नीकू और पीकू में 50 बेड और बढ़ाए जा सकेंगे।
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जानकारी के अनुसार, सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में अभी 200 बेड का कोविड अस्पताल संचालित किया जा रहा है। लेकिन, अब यहां की व्यवस्था बदली जाएगी। एक महीने से कम उम्र के संक्रमित बच्चों के लिए न्यू नेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (नीकू) तैयार किया जा रहा है। इसकी क्षमता 25 बेड की होगी। इसके लिए बेबी वार्मर, मल्टीपैरामीटर वार्ड में स्थापित किए जा रहे हैं।
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इसके साथ ही नवजात बच्चों के लिए अलग वेंटिलेटर भी लगाए जा रहे हैं। इसी ब्लॉक में 25 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू (पीकू) भी बनाया जा रहा है। इसमें 25 वेंटिलेटर लगाए जाएंगे। यहां पर एक महीने से लेकर 14 साल तक के बच्चे भर्ती होंगे। जरूरत के मुताबिक नीकू और पीकू में 50 बेड और बढ़ाए जा सकेंगे।
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गर्भवती व महिलाओं के लिए सौ बेड
सुपर स्पेशिलटी ब्लॉक में गर्भवती व महिलाओं के इलाज के लिए 100 बेड आरक्षित किए जा रहे हैं। इसमें 80 बेड में गर्भवती व महिलाएं रहेंगी। करीब 20 बेड गर्भवतियों के संक्रमित नवजातों के लिए अलग से तैयार किए जा रहे हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि तीसरी लहर को देखते हुए बीआरडी मेडिकल कॉलेज में महिलाओं और बच्चों के इलाज के इंतजाम एकदम अलग किए जा रहे हैं। सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक को इसके लिए चुना गया है। इस वार्ड में सभी संसाधन तैयार किए जा रहे हैं। जल्द से जल्द वार्ड तैयार हो जाएगा। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर इंसेफेलाइटिस वार्ड का भी उपयोग किया जा सकता है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि तीसरी लहर को देखते हुए बीआरडी मेडिकल कॉलेज में महिलाओं और बच्चों के इलाज के इंतजाम एकदम अलग किए जा रहे हैं। सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक को इसके लिए चुना गया है। इस वार्ड में सभी संसाधन तैयार किए जा रहे हैं। जल्द से जल्द वार्ड तैयार हो जाएगा। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर इंसेफेलाइटिस वार्ड का भी उपयोग किया जा सकता है।