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सावधान: बाल श्रम कराया तो होगी जेल, चुकानी होगी बड़ी कीमत
Sat, 09 Oct 2021 10:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 09 Oct 2021 10:03 AM IST
सार
बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के अंतर्गत किए जाने वाले अपराध संज्ञेय अपराध है। इसमें कोई व्यक्ति सीधे एफआईआर दर्ज करा सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
बच्चों से काम कराने वाले सावधान हो जाएं। यदि कोई भी व्यक्ति बाल श्रम कराता है तो उसे दो साल तक की जेल और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस संदर्भ में जानकारी देते हुए सहायक श्रमायुक्त स्कंद कुमार मिश्रा ने बताया कि बाल श्रम अभिशाप है। बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के अंतर्गत किए जाने वाले अपराध संज्ञेय अपराध है। इसमें कोई व्यक्ति सीधे एफआईआर दर्ज करा सकता है।
बताया कि 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए किसी प्रकार का भी कार्य करने पर पूरी तरह से रोक है। बताया कि धारा-3 व 3ए के उल्लंघन पर माता-पिता व अभिभावक जो कि आर्थिक कारणों व आय के स्रोतों के रूप में बच्चों से कार्य कराने पर प्रथम बार अपराध में कोई दंड नहीं है। लेकिन दोबारा बच्चों से श्रम कराने पर 10 हजार रुपये तक का दंड लगाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि बाल श्रम से संबंधित किसी भी जानकारी को कोई भी व्यक्ति वेबसाइट https://pencil.gov.in पर दर्ज करा सकता है जिसके पश्चात श्रम विभाग द्वारा उस बाल श्रमिक को कार्यस्थल से अवमुक्त कराते हुए तत्काल संबंधित नियोजकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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बताया कि 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए किसी प्रकार का भी कार्य करने पर पूरी तरह से रोक है। बताया कि धारा-3 व 3ए के उल्लंघन पर माता-पिता व अभिभावक जो कि आर्थिक कारणों व आय के स्रोतों के रूप में बच्चों से कार्य कराने पर प्रथम बार अपराध में कोई दंड नहीं है। लेकिन दोबारा बच्चों से श्रम कराने पर 10 हजार रुपये तक का दंड लगाया जा सकता है।
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उन्होंने बताया कि बाल श्रम से संबंधित किसी भी जानकारी को कोई भी व्यक्ति वेबसाइट https://pencil.gov.in पर दर्ज करा सकता है जिसके पश्चात श्रम विभाग द्वारा उस बाल श्रमिक को कार्यस्थल से अवमुक्त कराते हुए तत्काल संबंधित नियोजकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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