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UP: सरकारी पैसे की चाहत में पति की जगह पहचान वाले के साथ ले लिए फेरे, शादीशुदा महिला ने किया फर्जीवाड़ा
Sun, 25 Jun 2023 01:20 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 25 Jun 2023 01:20 PM IST
सार
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में कैंपियरगंज की शादीशुदा महिला ने फर्जीवाड़ा किया। महिला ने सरकारी पैसे की चाहत में पति की जगह पहचान वाले के साथ फेरे ले लिए। खुलासे के बाद बीडीओ द्वारा दिया गया सामान वापस ले लिया गया है, जिलाधिकारी ने जांच के निर्देश दिए हैं।
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विस्तार
सरकारी पैसे की चाहत में एक शादीशुदा महिला ने पति की जगह एक पहचान वाले के साथ सात फेरे ले लिए। मामला मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का है। मामले के खुलासे के बाद बीडीओ ने शादी में दिया गया सभी सामान वापस ले लिया। साथ ही अनुदान की राशि पर रोक लगा दी है। अधिकारी अब महिला के खिलाफ कार्रवाई के अलावा चूक करने वाले स्टाफ पर भी सख्ती के मन बना रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, कैंपियरगंज थाना क्षेत्र की एक महिला की शादी इसी साल 28 फरवरी को सिद्धार्थनगर जिले के एक युवक से हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद महिला का पति कमाने के लिए मुंबई चला गया। इसके बाद महिला मायके आ गई। इस बीच उसने अपनी पहचान वाले के साथ मिलकर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मिलने वाली धनराशि को हड़पने की योजना बनाई।
इसके लिए उसने संबंधित गांव के सचिव और बीडीओ के समक्ष आवेदन किया। इसके साथ ही शादीशुदा न होने का शपथ पत्र भी दिया। सचिव और बीडीओ ने बिना जांच किए ही 22 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजदूगी में शादी के मंडप में बैठा दिया।
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फेरे लेने के बाद प्रमाण पत्र पर उसने अपने पति का नाम दर्ज करा लिया। मामले की शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता, स्वामी विवेकानंद युवा पुरस्कार से सम्मानित आजाद पांडेय ने एसएसपी से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की है।
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जानकारी के मुताबिक, कैंपियरगंज थाना क्षेत्र की एक महिला की शादी इसी साल 28 फरवरी को सिद्धार्थनगर जिले के एक युवक से हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद महिला का पति कमाने के लिए मुंबई चला गया। इसके बाद महिला मायके आ गई। इस बीच उसने अपनी पहचान वाले के साथ मिलकर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मिलने वाली धनराशि को हड़पने की योजना बनाई।
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इसके लिए उसने संबंधित गांव के सचिव और बीडीओ के समक्ष आवेदन किया। इसके साथ ही शादीशुदा न होने का शपथ पत्र भी दिया। सचिव और बीडीओ ने बिना जांच किए ही 22 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजदूगी में शादी के मंडप में बैठा दिया।
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फेरे लेने के बाद प्रमाण पत्र पर उसने अपने पति का नाम दर्ज करा लिया। मामले की शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता, स्वामी विवेकानंद युवा पुरस्कार से सम्मानित आजाद पांडेय ने एसएसपी से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की है।
वर-वधु को मिलता है यह उपहार
सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार वर-वधु को उपहार भी देती है। इसमें वधु के लिए विवाह के लिए कढ़ाई की एक साड़ी, एक चुनरी, एक डेली यूज की साड़ी, वर के लिए कुर्ता-पायजामा, पगड़ी और माला दिया जाता है। मुस्लिम जोड़ों को कढ़ाई वाला सूट, चुनरी, सूट का कपड़ा, वर के लिए कुर्ता-पायजामा आदि दिया जाता है। आभूषण में चांदी की पायल, बिछुआ भी प्रदान किया जाता है।
सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार वर-वधु को उपहार भी देती है। इसमें वधु के लिए विवाह के लिए कढ़ाई की एक साड़ी, एक चुनरी, एक डेली यूज की साड़ी, वर के लिए कुर्ता-पायजामा, पगड़ी और माला दिया जाता है। मुस्लिम जोड़ों को कढ़ाई वाला सूट, चुनरी, सूट का कपड़ा, वर के लिए कुर्ता-पायजामा आदि दिया जाता है। आभूषण में चांदी की पायल, बिछुआ भी प्रदान किया जाता है।
गृहस्थी के सामान में कुकर, जग या लोटा, थाली, गिलास, कटोरा व चम्मच, बक्शा और प्रसाधन सामग्री से भरी श्रृंगारदानी, मिक्सर दिया जाता है। 35 हजार रुपये विवाह बंधन में बंधने जा रही कन्या के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है और शेष धनराशि अन्य मदों में खर्च की जाती है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद सभी सामान वापस करा लिए गए हैं। साथ ही विभाग की ओर से मिलने वाली अनुदान राशि पर भी रोक लगा दी गई है। -दुर्गेश यादव, बीडीओ, कैंपियरगंज ब्लॉक
सामूहिक शादी के दिन महिला के पहुंचने की जानकारी हुई है, लेकिन फेरे नहीं हुए थे। मामले की जांच कराएंगे। जितने भी आवेदन आए थे, सभी का सत्यापन कराया गया था। सरकारी अनुदान के लिए फर्जी तरीके से शादी करने वालों के साथ ही जिन लोगों ने सत्यापन किया है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। -कृष्णा करुणेश, डीएम