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गोरखपुर: फैक्टरी में पकड़ी थी 76 लाख की बिजली चोरी, अब एमडी ऑफिस के मुख्य अभियंता करेंगे जांच
Sun, 18 Jul 2021 11:29 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 18 Jul 2021 11:29 AM IST
सार
मार्च महीने में विजिलेंस की टीम ने सिकरीगंज की एक फैक्टरी में पकड़ी थी 76 लाख की बिजली चोरी
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बिजली।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
गोरखपुर जिले के सिकरीगंज इलाके के भेउसा उर्फ बनकटवा गांव में सीमेंट की ईंट व मुर्गी दाना बनाने की फैक्टरी में 76 लाख रुपये की बिजली चोरी का मामला अब ऊर्जा निगम के चेयरमैन तक पहुंच गया है। उन्होंने पूरे मामले में हुई जांच पर सवाल उठाते हुए जांच करने वाली कमेटी के सदस्यों को आरोपपत्र देने का निर्देश मुख्य अभियंता को दिया है। इसके अलावा पूरे मामले की जांच नए सिरे से पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता भूदेव प्रसाद को दी गई है।
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जानकारी के अनुसार, विजिलेंस की टीम ने मार्च 2021 में सिकरीगंज वितरण खंड में सीमेंट की ईंट व मुर्गी दाना बनाने की फैक्टरी में अवैध एचटी लाइन व 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाकर की जा रही बिजली की चोरी पकड़ी थी। इसमें संचालक और अभियंताओं की मिलीभगत सामने आई थी।
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मामला खुलने पर बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज होने के बाद जोन के तत्कालीन मुख्य अभियंता देवेंद्र सिंह ने ग्रामीण वितरण मंडल प्रथम के अधिशासी अभियंता राजीव चतुर्वेदी व दो अन्य अधिकारियों को मामले की जांच सौंपी थी। जांच कमेटी ने 30 मार्च को रिपोर्ट मुख्य अभियंता को दी।
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मुख्य अभियंता ने जांच रिपोर्ट एमडी को भेजकर उच्चस्तरीय जांच कमेटी बनाने की मांग की। इसके बाद कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कई कर्मचारियों के संक्रमित होने से मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इधर तीन दिन पहले पहले ऊर्जा निगम के चेयरमैन ने इस प्रकरण में जोन के मुख्य अभियंता से बातचीत की।
विरोधाभाषी बयान बना चेयरमैन की नाराजगी की वजह
उन्होंने जांच कमेटी के दो सदस्यों को फोन कर खरी-खोटी सुनाने के साथ ही रिपोर्ट पर सवाल उठाए और जांच में शामिल तीनों सदस्यों को तत्काल आरोपपत्र जारी करने का निर्देश मुख्य अभियंता को दिया। साथ ही पूरे मामले की फिर से जांच एमडी ऑफिस के मुख्य अभियंता भूदेव प्रसाद को सौंप दी। इनकी रिपोर्ट में जो भी दोषी पाया जाएगा उनपर कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में जांच टीम ने वितरण खंड के अधिकारियों की जिम्मेदारी साफ-साफ तय नहीं की थी। इसके अलावा वितरण खंड के अधिकारियों के बयान में भी विरोध पाया गया। इसी पर ऊर्जा निगम ने अपनी नाराजगी दर्ज कराई थी। हालांकि, एमडी ऑफिस की तरफ से नियुक्त किए गए, मुख्य अभियंता की जांच पूरी होने पर ही पूरे मामले में कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा।
ऊर्जा मंत्री के संज्ञान में आया था मामला
अमर उजाला ने सिकरीगंज में बिजली चोरी की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने भी लिया था। उन्होंने भी इस पूरे मामले में स्पष्ट जांच के निर्देश दिए थे। लेकिन, इसके बाद भी मामले की जांच में लापरवाही बरती गई।
सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में जांच टीम ने वितरण खंड के अधिकारियों की जिम्मेदारी साफ-साफ तय नहीं की थी। इसके अलावा वितरण खंड के अधिकारियों के बयान में भी विरोध पाया गया। इसी पर ऊर्जा निगम ने अपनी नाराजगी दर्ज कराई थी। हालांकि, एमडी ऑफिस की तरफ से नियुक्त किए गए, मुख्य अभियंता की जांच पूरी होने पर ही पूरे मामले में कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा।
ऊर्जा मंत्री के संज्ञान में आया था मामला
अमर उजाला ने सिकरीगंज में बिजली चोरी की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने भी लिया था। उन्होंने भी इस पूरे मामले में स्पष्ट जांच के निर्देश दिए थे। लेकिन, इसके बाद भी मामले की जांच में लापरवाही बरती गई।