Gorakhpur News: मुर्गे से भी महंगा बिक रहा परवल, बंगाल से शुरू हुई आवक
महेवा मंडी के सब्जी के व्यापारी संतोष सोनकर ने बताया कि शादी-विवाह में परवल का इस्तेमाल कलौंजी बनाने में किया जाता है। ऐसे में लगन के समय में परवल की मांग ज्यादा रहती है। लगन समाप्त होने के साथ ही इसके दाम भी कम हो जाएंगे।
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गर्मी की प्रमुख हरी सब्जी परवल ने बाजार में दस्तक दे दी है, लेकिन इसकी कीमत बहुत अधिक है। खुदरा बाजार में परवल मुर्गे से भी महंगा बिक रहा है। मुर्गा जहां 140 से 160 रुपये किलो है तो वहीं, खुदरा बाजार में परवल 240 से 320 रुपये किलो बिक रहा है।
महेवा मंडी में बंगाल से परवल की आवक शुरू हो गई है। शुक्रवार को महेवा थोक मंडी में बंगाल से परवल की एक गाड़ी पहुंची थी। मांग की तुलना में आवक कम होने से परवल थोक में 150 से 200 रुपये किलो के बीच बिका।
वहीं असुरन, आर्यनगर, बेनीगंज, धर्मशाला बाजार, बेतियाहाता आदि खुदरा बाजारों में परवल 240 से 320 रुपये किलो बिका। दाम अधिक होने से परवल के शौकीन किलो नहीं बल्कि पाव में खरीदकर परवल घर ले गए।
महेवा मंडी के थोक सब्जी व्यापारी हाजी रमजान मेकरानी ने बताया कि सीजन में सबसे पहले बंगाल के परवल ही मंडी में आते हैं। कम आवक के कारण परवल के दाम भी अधिक होते हैं। बताया कि फरवरी के अंत तक बंगाल से परवल की आवक बढ़ जाएगी। आवक बढ़ने के साथ ही इसके दाम भी कम हो जाएंगी। बताया कि मार्च अप्रैल के बीच बलिया, फरेंदा, कैंपियरगंज, चौरीचौरा से लोकल परवल की आवक शुरू होती है। लोकल परवल आने के बाद इसके दाम 15 से 20 रुपये किलो हो जाएंगे।
लगन की वजह से बढ़ी मांग
महेवा मंडी के सब्जी के व्यापारी संतोष सोनकर ने बताया कि शादी-विवाह में परवल का इस्तेमाल कलौंजी बनाने में किया जाता है। ऐसे में लगन के समय में परवल की मांग ज्यादा रहती है। लगन समाप्त होने के साथ ही इसके दाम भी कम हो जाएंगे।