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चौरीचौरा डबल मर्डर: अब आईपीडीआर के सहारे पुलिस, खोज रही सिद्धार्थनगर कनेक्शन
Fri, 18 Apr 2025 01:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 18 Apr 2025 01:22 AM IST
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- मृतका पूनम के मोबाइल फोन को अनलॉक करने का किया गया था प्रयास, नहीं होने पर फेंक दिया था
- सिद्धार्थनगर के एक जानने वाले के नाम पर था मृतका पूनम का सिम कार्ड, तीन संदिग्ध निशाने पर
गोरखपुर। चौरीचौरा थाना क्षेत्र के शिवपुर चकदहा गांव में दोहरे हत्याकांड की गुत्थी 18 दिन बाद भी नहीं सुलझ पाई है। मां-बेटी की हत्या और एक बेटी को घर के दूसरे कमरे में बंद करने की इस कहानी को समझने के लिए पुलिस ने जांच का दायरा डिजिटल ट्रैक पर बढ़ा दिया है। इस मामले की जांच कर रही टीम ने इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (आईपीडीआर) नेटवर्क से हत्यारों की तलाश शुरू की है। इसमें सिद्धार्थनगर कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
दरअसल, पुलिस को मृतका पूनम के मोबाइल की जांच से पता लगा है कि उसे अनलॉक करने का प्रयास किया गया, लेकिन ऐसा नहीं होने पर पांचवें दिन फेंका गया। इस मोबाइल में जो सिम कार्ड यूज किया जा रहा है, वह सिद्धार्थनगर के एक शख्स के नाम है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हत्या के बाद गायब हुआ मोबाइल पांच दिन तक किस-किस जगह घूमता रहा। पुलिस को यहीं से उम्मीद की किरण भी दिख रही है।
इस मामले की जांच में सामने आया है कि मृतका पूनम के फोन में एक सिम कार्ड सिद्धार्थनगर का था। यह दूसरे के नाम पर लिया गया है। उसी नाम से परिवार में कुछ और सिम कार्ड भी जारी करवाए गए हैं। इसके अलावा मोबाइल नंबर में अंतिम का 4-8 नंबर का सीरीज भी सिद्धार्थनगर से जुड़ा है। पुलिस इस बात को समझने का प्रयास कर रही है कि सिद्धार्थनगर में खरीदे गए सिमकार्ड का पूनम क्यों प्रयोग कर रही थी।
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हत्या के पांच दिन बाद खेत में मिला था मोबाइल फोन
हत्या की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो पूनम का मोबाइल नहीं मिला। पांच दिन बाद घर के नजदीक ही एक खेत में फेंका मिला। फोन की फॉरेंसिक लैब में जांच के साथ ही ढाई हजार पन्नों की सीडीआर निकलवाई गई है। जांच में सामने आया कि मोबाइल को घटना वाले दिन लगभग 9:48 बजे के बाद से अनलॉक नहीं किया गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूरे मामले में आईडीपीआर को लेकर जांच बढ़ रही है। इसका मतलब यह है कि हत्या के बाद मृतका का ऑफ मोबाइल कहां-कहां था, इसका पता लगाया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि इस मोबाइल नंबर पर किस नंबर से सर्वाधिक बार कॉल का प्रयास किया गया। गायब रहा फोन पांच दिन तक किन किन नेटवर्क के बीच से गुजरा।
- सिद्धार्थनगर के एक जानने वाले के नाम पर था मृतका पूनम का सिम कार्ड, तीन संदिग्ध निशाने पर
गोरखपुर। चौरीचौरा थाना क्षेत्र के शिवपुर चकदहा गांव में दोहरे हत्याकांड की गुत्थी 18 दिन बाद भी नहीं सुलझ पाई है। मां-बेटी की हत्या और एक बेटी को घर के दूसरे कमरे में बंद करने की इस कहानी को समझने के लिए पुलिस ने जांच का दायरा डिजिटल ट्रैक पर बढ़ा दिया है। इस मामले की जांच कर रही टीम ने इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (आईपीडीआर) नेटवर्क से हत्यारों की तलाश शुरू की है। इसमें सिद्धार्थनगर कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
दरअसल, पुलिस को मृतका पूनम के मोबाइल की जांच से पता लगा है कि उसे अनलॉक करने का प्रयास किया गया, लेकिन ऐसा नहीं होने पर पांचवें दिन फेंका गया। इस मोबाइल में जो सिम कार्ड यूज किया जा रहा है, वह सिद्धार्थनगर के एक शख्स के नाम है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हत्या के बाद गायब हुआ मोबाइल पांच दिन तक किस-किस जगह घूमता रहा। पुलिस को यहीं से उम्मीद की किरण भी दिख रही है।
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इस मामले की जांच में सामने आया है कि मृतका पूनम के फोन में एक सिम कार्ड सिद्धार्थनगर का था। यह दूसरे के नाम पर लिया गया है। उसी नाम से परिवार में कुछ और सिम कार्ड भी जारी करवाए गए हैं। इसके अलावा मोबाइल नंबर में अंतिम का 4-8 नंबर का सीरीज भी सिद्धार्थनगर से जुड़ा है। पुलिस इस बात को समझने का प्रयास कर रही है कि सिद्धार्थनगर में खरीदे गए सिमकार्ड का पूनम क्यों प्रयोग कर रही थी।
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हत्या के पांच दिन बाद खेत में मिला था मोबाइल फोन
हत्या की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो पूनम का मोबाइल नहीं मिला। पांच दिन बाद घर के नजदीक ही एक खेत में फेंका मिला। फोन की फॉरेंसिक लैब में जांच के साथ ही ढाई हजार पन्नों की सीडीआर निकलवाई गई है। जांच में सामने आया कि मोबाइल को घटना वाले दिन लगभग 9:48 बजे के बाद से अनलॉक नहीं किया गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूरे मामले में आईडीपीआर को लेकर जांच बढ़ रही है। इसका मतलब यह है कि हत्या के बाद मृतका का ऑफ मोबाइल कहां-कहां था, इसका पता लगाया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि इस मोबाइल नंबर पर किस नंबर से सर्वाधिक बार कॉल का प्रयास किया गया। गायब रहा फोन पांच दिन तक किन किन नेटवर्क के बीच से गुजरा।