UP News: हत्या के मामले में डॉ. संजय निषाद के विरुद्ध आरोप तय, योगी सरकार में हैं मत्स्य पालन मंत्री
सात जून 2015 को सुबह 11:20 बजे के लगभग डॉ. संजय निषाद अपने समर्थकों के साथ निषाद आरक्षण की मांग को लेकर सहजनवां क्षेत्र में मगहर सहजनवां के मध्य रेल लाइन पर धरना प्रदर्शन किया था, जिससे रेल आवागमन बाधित हो गया। भीड़ जब उग्र हो गई तो पथराव और फायरिंग हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए और एक की मौत हो गई थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
निषादों को अनुसूचित जाति का आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन के दौरान कसरवल में एक व्यक्ति की मौत के मामले में योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के विरुद्ध कोर्ट में आरोप तय हो गया है। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्ययाधीश एमपी एमएलए कोर्ट नम्रता अग्रवाल कर रही हैं।
कोर्ट में मंत्री व निषाद पार्टी के अध्यक्ष ने आरोपों से इंकार करते हुए विचारण की मांग किया। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का आदेश दिया। सात जून 2015 को सुबह 11:20 बजे के लगभग डॉ. संजय निषाद अपने समर्थकों के साथ निषाद आरक्षण की मांग को लेकर सहजनवां क्षेत्र में मगहर सहजनवां के मध्य रेल लाइन पर धरना प्रदर्शन किया था, जिससे रेल आवागमन बाधित हो गया। भीड़ जब उग्र हो गई तो पथराव और फायरिंग हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए और एक की मौत हो गई। पुलिस ने डॉ. संजय निषाद सहित कई अन्य लोगों को अभियुक्त बनाकर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने बुधवार को आरोप तय किया।
रेलवे एक्ट के मुकदमे में भी आरोप तय
सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद बुधवार को एसीजेएम प्रभाष त्रिपाठी की कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट में उनके विरुद्ध आरोप विरचित किया गया। कोर्ट ने डॉ. संजय निषाद सहित छह अन्य के विरुद्ध धारा 174 रेलवे एक्ट के तहत आरोप तय किया।
बता दें कि आरपीएफ ने डॉ संजय निषाद सहित कई लोगो के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। मामले में कई लोगों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। डॉ संजय निषाद सहित छह अन्य लोगों ने आरोपो से इंकार किया और विचारण की मांग किया। कोर्ट ने 18 अक्तूबर को पत्रावली साक्ष्य के लिए नियत किया है।