{"_id":"6acff70d0e1ec0726007c054","slug":"celebrate-but-do-not-disturb-the-peace-of-others-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1486251-2026-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: जश्न मनाएं लेकिन दूसरों का सुकून न छीनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: जश्न मनाएं लेकिन दूसरों का सुकून न छीनें
विज्ञापन
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में सामिल लोग ।संवाद
- फोटो : Archive
गोरखपुर। त्योहार हो या उत्सव, खुशियां मनाने का हक सभी को है लेकिन इन खुशियों की आड़ में दूसरों का सुकून छीनना उचित नहीं है। देर रात तक गूंजते शोर से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है तो बुजुर्गों और बीमारों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। निर्धारित मानकों से अधिक आवाज में डीजे बजाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई हो।
यह कहना है खत्री समाज के प्रबुद्ध जनों का, जिन्होंने बुधवार को अमर उजाला सिटी कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में डीजे के शोर पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि उत्सव की खुशी दूसरों की परेशानी का कारण नहीं बननी चाहिए। इसके लिए नियमों का पालन कराने के साथ सामाजिक जागरूकता भी जरूरी है।
खत्री सभा के अध्यक्ष डॉ हेमंत चौपड़ा ने कहा कि त्योहारों, धार्मिक आयोजनों, मूर्ति स्थापना और शादी-विवाह के दौरान डीजे तेज आवाज में बजाने की होड़ लग जाती है।
विज्ञापन
कई बार आवाज इतनी तेज होती है कि घरों के शीशे तक हिलने लगते हैं। देर रात तक बजने वाले डीजे और शराब के नशे में हुड़दंग से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। ऐसे में उत्सव का आनंद लेने वालों को यह भी समझना होगा कि उनकी खुशी किसी दूसरे की परेशानी नहीं बननी चाहिए।
गुरुद्वारा कमेटी, जटाशंकर के अध्यक्ष जसपाल सिंह ने कहा कि तेज आवाज का असर केवल तत्काल होने वाली परेशानी तक सीमित नहीं है। इससे नींद प्रभावित हो सकती है और लंबे समय तक शोर के संपर्क में रहने से सुनने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है।
सोमनाथ टंडन ने सुझाव दिया कि मूर्ति स्थापना, पूजा पंडाल, मैरिज हॉल और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि संबंधी मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। पुलिस नियमित गश्त और जांच करे।
इनकी रही सहभागिता : सुभाष सेठी, राकेश सोनी, हरप्रीत सिंह, जसपाल सिंह, मनजीत सिंह, दलजीत कौर, चंद्रभान साहनी, मनमोहन सिंह, सतीश मेहता, हरगोविंद भंडारी, राजेश बत्रा, रमन सचदेवा, डॉ हेमंत चोपड़ा, सोमनाथ टंडन, गुरविंदर कौर, अमृता मेहरोत्रा। द
विज्ञापन
यह कहना है खत्री समाज के प्रबुद्ध जनों का, जिन्होंने बुधवार को अमर उजाला सिटी कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में डीजे के शोर पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि उत्सव की खुशी दूसरों की परेशानी का कारण नहीं बननी चाहिए। इसके लिए नियमों का पालन कराने के साथ सामाजिक जागरूकता भी जरूरी है।
विज्ञापन
खत्री सभा के अध्यक्ष डॉ हेमंत चौपड़ा ने कहा कि त्योहारों, धार्मिक आयोजनों, मूर्ति स्थापना और शादी-विवाह के दौरान डीजे तेज आवाज में बजाने की होड़ लग जाती है।
विज्ञापन
कई बार आवाज इतनी तेज होती है कि घरों के शीशे तक हिलने लगते हैं। देर रात तक बजने वाले डीजे और शराब के नशे में हुड़दंग से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। ऐसे में उत्सव का आनंद लेने वालों को यह भी समझना होगा कि उनकी खुशी किसी दूसरे की परेशानी नहीं बननी चाहिए।
गुरुद्वारा कमेटी, जटाशंकर के अध्यक्ष जसपाल सिंह ने कहा कि तेज आवाज का असर केवल तत्काल होने वाली परेशानी तक सीमित नहीं है। इससे नींद प्रभावित हो सकती है और लंबे समय तक शोर के संपर्क में रहने से सुनने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है।
सोमनाथ टंडन ने सुझाव दिया कि मूर्ति स्थापना, पूजा पंडाल, मैरिज हॉल और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि संबंधी मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। पुलिस नियमित गश्त और जांच करे।
इनकी रही सहभागिता : सुभाष सेठी, राकेश सोनी, हरप्रीत सिंह, जसपाल सिंह, मनजीत सिंह, दलजीत कौर, चंद्रभान साहनी, मनमोहन सिंह, सतीश मेहता, हरगोविंद भंडारी, राजेश बत्रा, रमन सचदेवा, डॉ हेमंत चोपड़ा, सोमनाथ टंडन, गुरविंदर कौर, अमृता मेहरोत्रा। द